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शिवरात्रि पर पार्थिव पूजा से प्रसन्न होते हैं भगवान शिव: दीक्षित जी महाराज

सरसावा(अंजू प्रताप)। शुगर मिल परिसर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में बुधवार को आचार्य कुलदीप दीक्षित जी महाराज ने शिवरात्रि के महापर्व पर पार्थिव शिवलिंग पूजा का विशेष महत्व बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्वती जी ने भी भगवान शिव को पाने

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, July 23, 2025

सरसावा(अंजू प्रताप)। शुगर मिल परिसर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में बुधवार को आचार्य कुलदीप दीक्षित जी महाराज ने शिवरात्रि के महापर्व पर पार्थिव शिवलिंग पूजा का विशेष महत्व बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्वती जी ने भी भगवान शिव को पाने के लिए वर्षों तक पार्थिव पूजा की थी और इसी तपस्या से वे शिव को पति के रूप में प्राप्त कर सकीं।

आचार्य कुलदीप दीक्षित महाराज ने बताया कि पार्थिव पूजा किसी भी मनोकामना को पूर्ण करने वाली होती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी कामना के अनुसार अलग-अलग सामग्रियों से पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक कर सकता है। जैसे शत्रुओं की शांति के लिए सरसों के तेल से अभिषेक, विद्यार्थियों को बुद्धि प्राप्ति के लिए जल में शक्कर मिलाकर अभिषेक, अटके धन की प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से अभिषेक, शरीर में लगातार पीड़ा से राहत के लिए गंगाजल से अभिषेक, और समस्त कामनाओं की पूर्ति के लिए गाय के दूध से अभिषेक करना फलदायी माना गया है। उन्होंने कहा कि पार्थिव शिवलिंग की पूजा से राज्य, धन, सुख-संपत्ति और मोक्ष तक की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में कहा गया है कि वर्ष के किसी भी दिन पार्थिव पूजा की जा सकती है, लेकिन अगर शिवरात्रि के दिन यह पूजा की जाए तो भगवान शिव कृपा की सारी सीमाएं तोड़ देते हैं। संसार में ऐसी कोई वस्तु नहीं जो शिव की सच्ची आराधना से प्राप्त न की जा सके। कथा से पूर्व पूजन कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें आचार्य राहुल कृष्णन जी ने विधिवत पूजा कराई। इस अवसर पर यजमान के रूप में अरुण, भूमिका, मधुबाला, रेशमा, आज़ाद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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