अजय कुमार सहरसा । पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वन प्रमंडल द्वारा कोशी नदी तटबंध के भीतर एवं अन्य जल अभयारण्य क्षेत्र में एशियाई शीतकालीन जल पक्षी गणना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वन विभाग की टीम ने कोसी नदी के नवहट्टा से एकाम गांव तक फैले जलाशयों में पक्षियों की गिनती की। इस दौरान वन प्रमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर विशेषज्ञों और वनकर्मियों ने संयुक्त रूप से सर्वे किया।
सर्वे में करीब 170 प्रजातियों के छह सौ से अधिक जल पक्षियों की मौजूदगी दर्ज की गई। इनमें कई प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं।जो हर साल सर्दियों में इस क्षेत्र में आते हैं।वन विभाग के अनुसार यह कार्यक्रम पूरे दस दिनों तक चलेगा। विभाग का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से पक्षियों के संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा मिलता है।इसी क्रम में सहरसा जिले के बेरोजगार युवाओं को नेचर गाइड और बर्ड गाइड के रूप में तैयार करने के लिए कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी।

इच्छुक युवा वन प्रमंडल कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।वन प्रमंडल पदाधिकारी भरत चिन्तपल्ली ने बताया कि पक्षी संरक्षण के लिए पक्षियों का डॉक्यूमेंटेशन किया जा रहा है जो सहरसा वन प्रमंडल के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मिली है। उन्होंने कहा कि अभी तक 170 प्रजातियों का डाक्यूमेंट्री किया गया है। इसके साथ ही समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत स्कूल कॉलेज स्तर पर क्विज प्रतियोगिता सहित अन्य जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में वन प्रमंडल द्वारा पक्षी गणना सर्वे किया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस सर्वेक्षण में कोसी नदी के 34 किलोमीटर क्षेत्र में सर्वे किया जा रहा है।कोसी की धरती पर पहली बार विदेशी पक्षी मेहमानों का आगमन हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां प्रवासी व स्थानीय पक्षी प्रवास करते हैं। इसका कारण का पता लगाया जा रहा है कि आखिर वहां क्यों रहते हैं और क्या खा रहे हैं। इस संबंध मे गहन सर्वे किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोसी की धरती पर पहली बार डार्लिंग प्रजाति का पक्षी मिला है जो आर्थिक सर्कल से कोसी में आ रहे हैं। पक्षी संरक्षण बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि सहरसा में पक्षियों के डॉक्यूमेंटशन में बेरोजगार छात्र-छात्राओं को सर्वे में शामिल करना है।इसके लिए जो इच्छुक अभ्यर्थी है वह वन प्रमंडल में आवेदन दे सकते हैं।वन विभाग उनसे संपर्क स्थापित कर विशेष प्रशिक्षण के पश्चात सर्वें में नियुक्त की जाएगी।







