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सीटीसी के शताब्दी समिट ने रचा प्रोफेशनल इतिहास का नया अध्याय

सीटीसी के शताब्दी समिट ने दिखाया प्रोफेशनल फ्यूचर

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, January 30, 2026

CTC's Centenary Summit Creates a New Chapter in Professional History

मुंबई (अनिल बेदाग) : मुंबई में हाल ही में आयोजित द शताब्दी समिट: सेंटेनरी कॉन्फ्रेंस सिर्फ़ एक औपचारिक आयोजन नहीं था — यह उस प्रोफेशनल यात्रा का उत्सव था, जिसने भारत के टैक्स, अकाउंटिंग और लीगल इकोसिस्टम को एक सदी तक दिशा दी है। चैंबर ऑफ टैक्स कंसल्टेंट्स (सीटीसी) ने अपनी सौवीं वर्षगांठ को जिस गरिमा, विचार और दूरदृष्टि के साथ मनाया, उसने इसे एक यादगार मैगज़ीन-मोमेंट में बदल दिया।

देश के अग्रणी फाइनेंस, टैक्स और लीगल प्रोफेशनल्स की मौजूदगी में यह समिट भारत के बदलते आर्थिक और रेगुलेटरी परिदृश्य पर गहन विमर्श का केंद्र बनी। मंच पर सिर्फ़ आंकड़े और नियम नहीं थे, बल्कि अनुभव, नैतिकता और जिम्मेदारी की बातें थीं, वही मूल्य जिन पर सीटीसी की 100 साल की नींव टिकी है।

इंडसइंड बैंक के चेयरमैन डेज़िग्नेट (नॉन-एग्जीक्यूटिव) श्री अरिजीत बसु ने कीनोट एड्रेस में भारत की आर्थिक विकास यात्रा को एक व्यापक परिप्रेक्ष्य में रखा। उन्होंने कहा कि भारत की ग्रोथ सिर्फ़ तेज़ विकास की कहानी नहीं है। टिकाऊ प्रगति के लिए नैतिक नेतृत्व, संस्थागत लचीलापन और लंबी सोच अनिवार्य हैं और इस संतुलन को बनाए रखने में प्रोफेशनल्स की भूमिका सबसे अहम है।

सीटीसी के प्रेसिडेंट सीए जयंत गोखले के अनुसार, शताब्दी समिट का उद्देश्य केवल अतीत को याद करना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए तैयार होना था। सीटीसी की 100 साल की विरासत हमें सिखाती है कि प्रोफेशनल प्रैक्टिस को समय के साथ लगातार विकसित करना ज़रूरी है। गवर्नेंस, जवाबदेही और एआई जैसी टेक्नोलॉजी अब प्रोफेशन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी हैं।

शताब्दी वर्ष समिति के चेयरमैन सीए विपुल चोकसी ने समिट की परिकल्पना को सीटीसी की टैगलाइन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि “यह समिट उभरते ट्रेंड्स और मौजूदा चुनौतियों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई थी। हर सेशन ने डेलीगेट्स को सोचने, सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”

कीनोट से लेकर डॉ. निरंजन हीरानंदानी के साथ फायरसाइड चैट तक, हर सेशन ने यह स्पष्ट किया कि प्रोफेशनल एक्सीलेंस अब मल्टी-डिसिप्लिनरी सोच और इनोवेशन के बिना संभव नहीं है।

सीटीसी की वाइस-प्रेसिडेंट सीए नेहा गाडा ने संगठन की लर्निंग स्पिरिट को इसकी असली पहचान बताया। उन्होंने कहा कि सीटीसी हमेशा से अनुभव और ऊर्जा का संगम रहा है। शताब्दी समिट ने यह दिखाया कि हम अपनी विरासत को सम्मान देते हुए टेक्नोलॉजी और नए प्रोफेशनल मॉडल्स को अपनाने के लिए तैयार हैं।

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