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15 दिसंबर तक सोख्ता निर्माण शत-प्रतिशत पूरा करें : उप विकास आयुक्त

मनरेगा एवं जल-जीवन-हरियाली मिशन की समीक्षा बैठक उप विकास आयुक्त ने दिया सख्त निर्देश, धीमी प्रगति पर उप विकास आयुक्त असंतुष्ट, प्रखंडों को दिए समयबद्ध लक्ष्य

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, November 29, 2025

Complete 100% soak pit construction by December 15: Deputy Development Commissioner

पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण। उपविकास आयुक्त पश्चिम चंपारण सुमित कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को सभा भवन बेतिया में मनरेगा योजना एवं जल-जीवन-हरियाली मिशन की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक अभियंता, जिला मिशन प्रबंधक, कार्यपालक अभियंता, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, तथा निदेशक एनईपी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जल-जीवन-हरियाली मिशन की विस्तृत समीक्षा के द्वारा निम्न महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

बैठक की शुरुआत JJH मिशन की प्रगति समीक्षा से की गई। इस दौरान उप विकास आयुक्त द्वारा निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया—

  1. सोख्ता निर्माण (Soak Pit/Soakhata Construction)
    • सभी प्रखंडों में लक्ष्य के अनुरूप कार्य प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई।
    • निर्देश दिया गया कि 15 दिसंबर 2025 तक हर स्थिति में सभी सोख्ता निर्माण कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए।
    • प्रखंडवार लंबित कार्यों की सूची तैयार कर दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
  2. अन्य अवयवों के वार्षिक लक्ष्य (Annual Targets)
    • जल-जीवन-हरियाली मिशन के अन्य अवयवों—जैसे वृक्षारोपण, जल संरक्षण संरचनाओं, नालों की उड़ाही, आदि—की वार्षिक लक्ष्य प्रविष्टि अभी भी कई प्रखंडों में लंबित है।
    • सभी प्रखंडों को निर्देशित किया गया कि समयबद्ध तरीके से प्रविष्टियाँ पूर्ण करें ताकि राज्य स्तर पर आकड़ों का संकलन सुचारू रूप से हो सके।
  3. जलाशय जीर्णोद्वार (Pond Renovation) कार्य
    • पोर्टल पर पहले से निरीक्षित कार्यों की स्थिति स्पष्ट नहीं पाई गई।
    • सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इन योजनाओं का क्षेत्र भ्रमण कर वास्तविक प्रगति का सत्यापन करें।
    • इसके बाद लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने का आदेश दिया गया।

मनरेगा योजना की विस्तृत समीक्षा के क्रम में महात्मा गांधी नरेगा योजना की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें निम्नलिखित निर्देश दिए गए—

  1. अकुशल मजदूरों का eKYC – विशेष अभियान
    • वर्तमान में eKYC की प्रगति कई प्रखंडों में अपेक्षा से कम पाई गई।
    • निर्देश दिया गया कि जिले में विशेष eKYC अभियान चलाया जाए।
    • इस अभियान में सभी PRS, आवास सहायक, विकास मित्र एवं नरेगा मेट को पूर्ण रूप से लगाया जाए ताकि मज़दूरों का eKYC बिना विलंब पूरा हो सके।
    • प्रतिदिन सुबह एवं शाम—दो बार प्रगति प्रतिवेदन जिला स्तर पर अनिवार्य रूप से भेजना होगा। • उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि eKYC को 100% तक ले जाना है, ताकि भुगतान में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।
  2. पुरानी एवं लंबित योजनाएँ (Ongoing Schemes)
    • निर्देश दिया गया कि FY 2023-24 तथा इससे पूर्व की जो भी नREGA योजनाएँ अभी तक Ongoing हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण किया जाए।
    • लापरवाही पाए जाने पर प्रखंडवार रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
  3. निर्माणाधीन संरचनाओं का फील्ड सत्यापन
    • कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और निरीक्षण रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
  4. श्रम दिवस सृजन और श्रमिकों की उपलब्धता
    • श्रम दिवस सृजन (Labour Budget Utilisation) की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया गया।
    • सभी प्रखंडों को निर्देशित किया गया कि श्रम मांग उत्पन्न करने, जॉब कार्डधारियों को सक्रिय करने, और मजदूरों की नियमित उपलब्धता पर विशेष ध्यान दें।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश-
• योजनाओं के क्रियान्वयन में यदि किसी भी स्तर पर तकनीकी बाधा, मानव संसाधन की कमी, अथवा समन्वय में कठिनाई हो, तो संबंधित प्रखंड तुरंत जिला स्तर को सूचित करें।
• उप विकास आयुक्त महोदय ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
• सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने प्रखंडों में जन-भागीदारी, पारदर्शिता, तथा समयबद्ध कार्यान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

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