फर्रुखाबाद।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर फर्रुखाबाद जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र से एक शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक प्रतिष्ठित स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक महिला शिक्षिका के साथ सरेआम अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का मामला तूल पकड़ चुका है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे की है। फर्रुखाबाद निवासी एक युवती थाना नवाबगंज के एक प्रतिष्ठित स्कूल में अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। वे स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के सिलसिले में समय पर स्कूल पहुँची थीं। इसी दौरान फर्रुखाबाद निवासी अर्पित पुत्र रावेन्द्र दीक्षित जबरन स्कूल के अंदर घुस आया। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उनसे बातचीत करने का दबाव बनाया। जब पीड़ित शिक्षिका ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप रहीं, तो आरोपी ने पीड़ित शिक्षिका को गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। शिक्षिका द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपी आगबबूला हो गया और उसने स्कूल परिसर में ही शिक्षिका के साथ लात घूंसो से मारपीट कर दी। जाते-जाते आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे शिक्षिका और वहाँ मौजूद अन्य लोग सहम गए।
आरोपी का दावा और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्कूल में मौजूद लोगों ने तुरंत यूपी 112 पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची 112 पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया और थाने लाकर थाना पुलिस को सौंप दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी अर्पित कुमार ने दावा किया कि वह पिछले सात सालों से शिक्षिका के संपर्क में था। उसका आरोप था कि पिछले कुछ दिनों से शिक्षिका उससे किसी को लेकर नाराज थी और वह बात नहीं कर रही थी, जिसके चलते वह उससे मिलने स्कूल जा पहुँचा था, जहाँ दोनों में कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया।
पुलिस का आधिकारिक बयान और मुकदमा दर्ज
थाना पुलिस ने बताया कि पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर आरोपी अर्पित कुमार पुत्र रावेन्द्र दीक्षित के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, साथ ही पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जाँच कर रही है और नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सवाल:
एक शिक्षण संस्थान में स्वतंत्रता दिवस जैसे गरिमामयी राष्ट्रीय पर्व के दिन इस तरह की हिंसक घटना का होना समाज और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।





