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सी. पी. राधाकृष्णन ने मिजोरम विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह को किया संबोधित

मादक पदार्थों से दूर रहें, प्रौद्योगिकी का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें: उपराष्ट्रपति ने युवाओं से कहा

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, March 7, 2026

C.P. Radhakrishnan addressed the 20th Convocation of Mizoram University

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति ने आज आइजोल में मिजोरम विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और स्नातक होने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनसे 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह किया। विश्वविद्यालय परिसर की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि मिजोरम विश्वविद्यालय सबसे खूबसूरत परिसरों में से एक है और यह इस बात का प्रतीक है कि शांति एवं उद्देश्य पर आधारित शिक्षा क्या कुछ हासिल कर सकती है।

पिछले एक दशक के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में हुए विभिन्न बदलावों को रेखांकित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र को भारत के विकास की प्रक्रिया के केन्द्र में रखा गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में शुरू हुई बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन सहित बेहतर कनेक्टिविटी और उड़ान एवं पीएम-डिवाइन जैसी पहलों से विकास में तेजी आ रही है और इस क्षेत्र के लोगों को नए अवसरों के निकट लाया जा रहा है। वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन पर जोर देते हुए, उपराष्ट्रपति ने युवाओं से नौकरी की तलाश से आगे बढ़कर अवसरों के सृजन पर ध्यान केन्द्रित करने का आग्रह किया।

उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन, बांस पर आधारित उद्योगों, जैविक कृषि, हस्तशिल्प और डिजिटल सेवाओं जैसे सेक्टरों की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। युवाओं में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने युवाओं से मादक पदार्थों से दूर रहने और अनुशासित एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने का आह्वान किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रौद्योगिकी एवं सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी और उनसे प्रौद्योगिकी का गुलाम बनने के बजाय उसका स्वामी बनने का आग्रह किया। मिजोरम की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और उच्च साक्षरता दर पर प्रकाश डालते हुए, उपराष्ट्रपति ने इस राज्य की सुदृढ़ जनजातीय परंपराओं और पर्यावरण के प्रति जागरूकता की प्रशंसा की।

सौर ऊर्जा पर आधारित मिजोरम विश्वविद्यालय के संचालन की सराहना करते हुए, उन्होंने युवाओं से पर्यावरण की स्थिरता को बढ़ावा देने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का आग्रह किया। दीक्षांत समारोह में मिजोरम के राज्यपाल एवं मिजोरम विश्वविद्यालय के मुख्य रेक्टर जनरल (सेवानिवृत्त) विजय कुमार सिंह; मिजोरम के मुख्यमंत्री श्री लालदुहोमा; मिजोरम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दिबाकर चंद्र डेका, संकाय सदस्य, विशिष्ट अतिथि, अभिभावक और स्नातक होने वाले विद्यार्थी उपस्थित थे।

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