रामस्वरूप रामदुलारी सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्रों का हुआ आशीर्वाद समारोह

पूरनपुर। रामस्वरूप रामदुलारी सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना हेतु आशीर्वचन समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर श्रद्धा, संस्कार और भावनात्मक वातावरण से परिपूर्ण दिखाई दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पधारे

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, February 14, 2026

Blessing ceremony of class 12th students was held at Ramswaroop Ramdulari Saraswati Vidya Mandir Senior Secondary School.

पूरनपुर। रामस्वरूप रामदुलारी सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना हेतु आशीर्वचन समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर श्रद्धा, संस्कार और भावनात्मक वातावरण से परिपूर्ण दिखाई दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पधारे मुख्य अतिथि यज्ञ आर्य प्रधानाचार्य पॉलिटेक्निक कॉलेज टांडा गुलाब राय, हरि बल्लभ जी संरक्षक सदस्य ,अध्यक्ष केशव कुमार गुप्ता , प्रबंधक हर्ष कुमार गुप्ता , सह प्रबंधक अनुराग गुप्ता , कोषाध्यक्ष देवेश कुमार अग्रवाल , रवि गुप्ता नगर संघ चालक पूरनपुर प्रबंधक लक्ष्य डिग्री कॉलेज रवि गुप्ता , अभिभावक प्रतिनिधि श्रद्धा गुप्ता , प्रधानाचार्य अजय गौड़ ने माँ सरस्वती के चित्रपट पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

विद्यालय के आचार्य शिव नारायण मिश्रा ने ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का परिचय कराया। इसके पश्चात छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि “विद्या भारती के विद्यालयों में छात्रों को विदाई नहीं दी जाती, बल्कि उन्हें उनके आगामी जीवन के लिए आशीर्वचन और शुभकामनाएँ दी जाती हैं।” उन्होंने कहा कि गुरुजन सदैव यह कामना करते हैं कि उनके शिष्य जीवन में सफलता प्राप्त करें और शिष्यों की सफलता ही गुरुजनों का वास्तविक गौरव होती है। यज्ञ प्रकाश आर्या ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में कितनी भी बड़ी सफलता क्यों न प्राप्त हो, अपने विद्यालय, माता-पिता और गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता का भाव सदैव बनाए रखना चाहिए, साथ ही राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी जागृत रहनी चाहिए

बहन ईशा राठौर और माही द्विवेदी ने विद्यालय में बिताए अपने यादगार पलों को साझा किया और सभी आचार्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भावुक शब्दों में अपने अनुभव प्रस्तुत किए।
कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष केशव कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और जानकारी में मूलभूत अंतर है। शिक्षा हमें श्रेष्ठ संस्कारों से परिपूर्ण करती है, जबकि जानकारी के स्रोत भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। विद्या मंदिरों से प्राप्त प्रेरणा एवं आत्मविश्वास जीवन को उचित दिशा प्रदान करते हैं। अनुशासन, एकाग्रता और आत्मविश्वास के माध्यम से ही हम सफलता के उच्च शिखरों को स्पर्श कर सकते हैं।
विद्यालय के प्रबंधक हर्ष कुमार गुप्ता ने छात्रों को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि यह विद्यालय केवल शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह है और छात्रों को आगे भी विद्यालय से जुड़े रहना चाहिए।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में नगर संचालक रवि गुप्ता ने कहा कि परीक्षा वह परीक्षा है क्योंकि वह दूसरों द्वारा ली जाती है, किंतु सच्ची परीक्षा वह है जो हम प्रतिदिन अपने संस्कारों और आचरण के माध्यम से देते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा जिस मूल्यहीनता की ओर अग्रसर हो रही है, उसे केवल अनुशासन, आत्मचिंतन और सद्संस्कारों के माध्यम से ही सार्थक बनाया जा सकता है।
रवि गुप्ता प्रबंधक लक्ष्य डिग्री कॉलेज ने अपने उद्बोधन में कहा भौतिक समृद्धियों की अपेक्षाएँ पूर्ण न होने पर मनुष्य अवसादग्रस्त हो जाता है, परंतु विद्या वह है जो अवसाद से मुक्ति प्रदान करे और चेहरों पर मुस्कान लाए। आत्मिक प्रसन्नता और व्यावसायिक प्रसन्नता दो भिन्न विषय हैं। अपने इतिहास को मिथक न मानकर जीवन के सत्य के रूप में स्वीकार करना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में भी जो मुस्कुराकर उनका सामना कर सके, वही सच्चा ज्ञानी है। अतीत की चिंता और भविष्य का भय दोनों ही निरर्थक हैं। जो उपलब्ध है उसकी रक्षा करें और अप्राप्य के प्रति व्यर्थ आकांक्षी न बनें। हमारी समस्त विद्याओं का मूल हमारी संस्कृति है, अतः उसकी रक्षा हेतु सदैव संकल्पित रहें।
विद्यालय के आचार्य श्री पंकज मंडल जी ने कहा कि हमारा व्यवहार हमारे व्यक्तित्व का दर्पण है। समाज के समक्ष हम जैसा आचरण प्रस्तुत करते हैं, समाज हमारे व्यक्तित्व का मूल्यांकन उसी आधार पर करता है। अतः प्रत्येक परिस्थिति में अपने व्यवहार से सकारात्मक संदेश ही प्रसारित करें और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक छवि के निर्माण में लगाएँ।
विद्यालय के आचार्य रेमा श्रीवास्तव ने स्वरचित काव्य-पंक्तियों के माध्यम से अपने लक्ष्य के प्रति किस प्रकार प्रेरित होना चाहिए।
विद्यालय के प्रबंध समिति ने मुख्य अतिथि को स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय गौड़ जी ने सभी को गागर में सागर भरते हुए सारगर्भित वक्तव्य देते हुए समस्त छात्र छात्राओं को आगामी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए शुभाशीष प्रदान किया।
कार्यक्रम का समापन आशीर्वचनों, शुभकामनाओं और भावपूर्ण वातावरण के साथ हुआ, जिसने छात्रों के मन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

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