फर्रुखाबाद।
जनपद की शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर दो प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर भारतीय किसान यूनियन भाकियू स्वराज का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और स्थानीय नागरिकों ने स्टेशन परिसर में विशाल धरना प्रदर्शन किया। सुबह साढ़े दस बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन दोपहर करीब तीन बजे तक चला, जिसमें रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
प्रमुख मांग
आंदोलनकारियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित ज्ञापन ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजा बाबू गुप्ता को सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15041 और 15040 का शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
यात्रियों की समस्याएं
इन ट्रेनों का ठहराव न होने से क्षेत्र के व्यापारियों, छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा वर्ग और मरीजों को फर्रुखाबाद, कानपुर, लखनऊ, कासगंज और मथुरा जैसे प्रमुख शहरों तक आने-जाने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन का पुराना आश्वासन और नाराजगी
किसानों का आरोप है कि इससे पहले 17 फरवरी और 31 मार्च को भी ज्ञापन सौंपे गए थे। रेल अधिकारियों ने तब जल्द मांग पूरी करने का भरोसा दिया था, लेकिन आश्वासन पूरा न होने पर किसानों को एक बार फिर सड़कों पर उतरना पड़ा।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
भाकियू स्वराज के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले एक महीने के भीतर दोनों ट्रेनों का ठहराव शुरू नहीं किया गया, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करते हुए कानपुर-कासगंज पैसेंजर ट्रेन को रोक देगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच जीआरपी और नवाबगंज थाना पुलिस बल की मौजूदगी में ज्ञापन सौंपने के बाद फिलहाल धरना समाप्त कर दिया गया, लेकिन क्षेत्रवासियों की निगाहें अब रेल प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।






