बंद कमरे में मिली सड़ी गली लाश हत्या की आशंका से इलाके में सनसनी - महिला आयोग सदस्य पूनम द्विवेदी ने महिला उत्पीड़न से संबंधित सुनीं शिकायतें - एक करोड़ 95 लाख मे सजेगा दानेश्वर धाम पूजा अर्चना कर चेयरमैन सरला साहू ने की शुरुआत - Breaking News: NEET विवाद का बड़ा असर, Dharmendra Pradhan ने दिया इस्तीफा - प्रियंका गांधी ने Dharmendra Pradhan के इस्तीफे को बताया युवाओं की जीतबंद कमरे में मिली सड़ी गली लाश हत्या की आशंका से इलाके में सनसनी - महिला आयोग सदस्य पूनम द्विवेदी ने महिला उत्पीड़न से संबंधित सुनीं शिकायतें - एक करोड़ 95 लाख मे सजेगा दानेश्वर धाम पूजा अर्चना कर चेयरमैन सरला साहू ने की शुरुआत - Breaking News: NEET विवाद का बड़ा असर, Dharmendra Pradhan ने दिया इस्तीफा - प्रियंका गांधी ने Dharmendra Pradhan के इस्तीफे को बताया युवाओं की जीत

बरेली बार के मध्यावर्ती चुनाव में सचिव पद पर अंगन सिंह ने कराया नामांकन

( दैनिक अयोध्या टाइम्स )बरेली । बरेली बार एसोसिएशन में सचिव पद पर हों रहे मध्यावर्ती चुनाव में अब तक एक दर्जन से ज्यादा अधिवक्ताओं ने सचिव पद पर नामांकन कराया जा चुका है ।नामांकन के समय प्रत्याशियों द्वारा अपने अपने समर्थकों को साथ लेकर जा रहे

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, July 5, 2025

( दैनिक अयोध्या टाइम्स )
बरेली । बरेली बार एसोसिएशन में सचिव पद पर हों रहे मध्यावर्ती चुनाव में अब तक एक दर्जन से ज्यादा अधिवक्ताओं ने सचिव पद पर नामांकन कराया जा चुका है ।
नामांकन के समय प्रत्याशियों द्वारा अपने अपने समर्थकों को साथ लेकर जा रहे है। आज दोपहर 2 बजे अंगन सिंह का नामांकन होना था जिसकी सूचना सोशल मीडिया द्वारा अंगन सिंह ने सभी अधिवक्ताओं को दी ।
ठीक 2 बजे अंगन सिंह लगभग तीन सौ अधिवक्ताओं के साथ अपना नामांकन कराने पहुंचे रास्ते में समर्थकों द्वारा जोरदार नारेबाजी करते हुए समर्थन व्यक्त किया गया ।
नामांकन के समय चौंकाने वाली बात यह रही कि पिछले चुनाव में प्रत्याशी रहे दो अधिवक्ता शंकर कुमार सक्सेना व संजय वर्मा भी साथ में रहे और पूरे गर्मजोशी से अंगन सिंह का नामांकन कराया और अपना अपना समर्थन दिया है। ज्ञात हो कि पिछले चुनाव में अंगन सिंह दूसरे नंबर पर रहे थे अब दो पूर्व प्रत्याशियों के साथ में आने से अंगन सिंह सबसे आगे निकलते दिखाई दे रहे है।
नामांकन के बाद अंगन सिंह द्वारा अधिवक्ताओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई जिसमें लगभग बारह सौ अधिवक्ताओं सहभागिता की।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले