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शिक्षा बचाओ संघर्ष मोर्चा ने स्कूल मर्जर के विरोध में किया प्रदर्शन

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, July 10, 2025

  • राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
    ( दैनिक अयोध्या टाइम्स )
    बरेली। उत्तर प्रदेश में 50 से कम नामांकन वाले परिषदीय विद्यालयों के अन्य विद्यालयों में मर्जर के सरकारी निर्णय के विरोध में शिक्षा बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जनपद बरेली में जोरदार विरोध दर्ज किया गया। इस दौरान सेठ दामोदर स्वरूप पार्क से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला गया तथा जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
    सभा की शुरुआत क्रांतिकारी गीतों के साथ प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच के साथियों द्वारा की गई। सभा की अध्यक्षता मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं बीटीयूएफ के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने की। उन्होंने कहा कि स्कूलों के मर्जर के खिलाफ यह संघर्ष लंबा चलेगा, और हमें अपनी एकता को और मजबूत करना होगा।
    सभा को संबोधित करते हुए जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा ने कहा, शिक्षा को बचाने के लिए सभी संगठनों को एक मंच पर आकर सिंगल एजेंडे के तहत संघर्ष करना होगा।
    यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने इसे भविष्य को बचाने की लड़ाई करार दिया।
    अटेवा जिलाध्यक्ष डॉ. मुनीष कुमार गंगवार ने कहा कि योगी सरकार का यह फैसला गरीब बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है।
    उत्तर प्रदेश प्राथमिक महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष प्रवेश कुमारी यादव ने कहा कि अभिभावकों और छात्रों को भी इस आंदोलन से जोड़ना होगा।
    विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. योगेश शर्मा ने कहा कि स्कूल मर्जर से लाखों पद एक झटके में खत्म हो सकते हैं, जिससे युवाओं के सपनों पर गहरा असर पड़ेगा।
    क्रालोस बरेली सचिव मोहम्मद फैसल ने कहा कि यह मर्जर 1991 की नई आर्थिक नीतियों का असर है, जो शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में निजीकरण को बढ़ावा दे रहा है।
    परिवर्तनकामी छात्र संगठन के सचिव कैलाश ने मर्जर को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का परिणाम बताया और इसे रद्द करने की माँग उठाई। उन्होंने कहा कि सभी के लिए समान व निःशुल्क शिक्षा हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
    सभा का संचालन बीटीयूएफ के उपमहामंत्री ललित ने किया। इस दौरान पुष्पा गंगवार, राखी सक्सेना, रूप किशोर, गजेंद्र सिंह, दिशा, आर. के. मौर्य, पूजा शुक्ला, संगीता, प्राची गुप्ता, जसवीर सिंह, सहित कई शिक्षक, छात्र और कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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