सर्पदंश से 12 वर्षीय बालिका की मौत, परिवार में मचा कोहराम - एम्स रायबरेली के इमरजेंसी ओटी ने साढ़े पांच माह में 651 सफल ऑपरेशन किए - 20 जुलाई को ब्लैक डे के रूप में याद रखा जाएगा -अखिलेश माही - धरमजयगढ़ मांड नदी जलविद्युत परियोजना पर दायर जनहित याचिका खारिज, उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी— "अखबारी खबरें नहीं, ठोस साक्ष्य चाहिए! - साइबर पुलिस का 'साईवज्र' प्रहार: चीनी ठगों को रकम भेजने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तारसर्पदंश से 12 वर्षीय बालिका की मौत, परिवार में मचा कोहराम - एम्स रायबरेली के इमरजेंसी ओटी ने साढ़े पांच माह में 651 सफल ऑपरेशन किए - 20 जुलाई को ब्लैक डे के रूप में याद रखा जाएगा -अखिलेश माही - धरमजयगढ़ मांड नदी जलविद्युत परियोजना पर दायर जनहित याचिका खारिज, उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी— "अखबारी खबरें नहीं, ठोस साक्ष्य चाहिए! - साइबर पुलिस का 'साईवज्र' प्रहार: चीनी ठगों को रकम भेजने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तार

ईद-ए-गदीर पर भनौली में निकला भव्य जुलूस, गूंजे मौला अली की शान में कसीदे

मुसाफिरखाना : क्षेत्र के भनौली गांव में शुक्रवार को ईद-ए-गदीर का पर्व बड़े उत्साह, श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर हज़रत अली (अ.स.) के प्रति अपनी मोहब्बत और अकीदत का

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Saturday, June 6, 2026

मुसाफिरखाना : क्षेत्र के भनौली गांव में शुक्रवार को ईद-ए-गदीर का पर्व बड़े उत्साह, श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर हज़रत अली (अ.स.) के प्रति अपनी मोहब्बत और अकीदत का इज़हार किया।

जुलूस जामा मस्जिद इमामबाड़ा से शुरू होकर गांव की विभिन्न गलियों और प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए दरगाह-ए-आलिया, छोटे इमामबाड़े से होकर बड़े इमामबाड़े पर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में धार्मिक और उत्सवी माहौल देखने को मिला। अकीदतमंदों ने मौला अली की शान में कसीदे और मनकबतें पढ़ीं तथा नज़र पेश की।

जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों के लिए प्रसाद और शर्बत का वितरण किया गया। वहीं लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद-ए-गदीर की मुबारकबाद दी। बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला और उन्हें ईदी भी बांटी गई।

जुलूस की अगुवाई कर रहे मौलाना गौहर अब्बास ने अपने संबोधन में ईद-ए-गदीर की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए हज़रत अली (अ.स.) की शिक्षाओं को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईद-ए-गदीर इंसाफ, भाईचारे, इंसानियत और सत्य के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।

जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। मार्ग पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी। प्रशासन की देखरेख में जुलूस शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले