अमन चौधरी नालंदा बिहार । नूरसराय ककड़िया-नालंदा 29-11-2025 : नूरसराय प्रखंड के मध्य विद्यालय ककड़िया में पदस्थापित प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार की सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर में विदाई सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षक राकेश बिहारी शर्मा ने की, जबकि मंच संचालन शिक्षक जितेन्द्र कुमार मेहता द्वारा किया गया।
समारोह के दौरान अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद् राकेश बिहारी शर्मा ने संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक श्री दिलीप कुमार के विद्यालय में ईमानदारीपूर्वक किए गए कार्य, उनके मधुर स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। और उनकी दीर्घायु तथा स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि विदाई एक ऐसा शब्द है, जो जिसे सुनते ही लोगों के दिलों में करुणा भर जाती है। सेवा में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति एक दिन सेवानिवृत्त होता है, यह एक परंपरा है जिसका पालन सभी को करना होता है। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक श्री दिलीप कुमार का शिक्षकों और छात्रों के साथ सदैव मधुर संबंध रहे, और उनका विद्यालय से सेवानिवृत्त होकर जाना विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत दुखदायी है। उन्होंने कहा दिलीप बाबू ने 1994 के बीपीएससी से चयनित होकर शिक्षक की नौकरी प्राप्त की थी और लगभग 31 वर्ष 2 महिना 28 दिनों तक कर्मठ व कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक के रूप में सेवा की। सरस्वती के वरद उपासक श्री दिलीप बाबू में कभी भी अहंकार हमने नहीं देखा। हमें उम्मीद है कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी इनका जुड़ाव विद्यालय से आगे भी जारी रहेगा।
मौके पर सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक श्री दिलीप कुमार जी ने भरे कंठ से कहा कि वे विद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं से मिले स्नेह व प्यार को कभी भूल नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि विगत वर्षो से विद्यालय से जुड़े होने के कारण मैं काफी अपनापन महसूस कर रहा हूँ, इसे रोक पाना संभव नहीं होगा।
मौके पर मंच संचालन करते हुए शिक्षक जितेन्द्र कुमार मेहता ने संबोधित करते हुए सेवानिवृत शिक्षक दिलीप कुमार के विद्यालय में शिक्षा के प्रति ईमानदारी पूर्वक किये कार्य, मधुर स्वभाव और कर्तव्य निष्ठा का चर्चा किये। वही कहा कि सेवा में आने वाला का सेवानिवृत होना एक परंपरा है। जिसका हर किसी को पालन करना ही है। इनका शिक्षको और छात्रों से हमेशा मधुर संबंध बना रहा। आज इनका विद्यालय से जाना हम सबों के लिए काफी दुखदायी है।
विद्यालय की विदुषी शिक्षिका पूजा कुमारी ने कहा कि श्री दिलीप बाबू अपने व्यवहार के कारण यहां जितने भी दिन रहे, सभी के दिलों में बसे रहे। किसी के साथ कभी भेदभाव नहीं करते हमने देखा। उन्होंने कहा कि श्री दिलीप बाबू अब भले ही विद्यालय से निवृत्त हो रहे हैं लेकिन वे सामाजिकता और सामाजिक-जीवन के अन्य क्षेत्रों में और अधिक प्रवृत्त होने के रास्ते पर जाएं ऐसी शुभकामना है।
शिक्षक मनोज कुमार ने कहा कि दिलीप कुमार इस विद्यालय के लिए स्वर्णिम काल रहेंगे। अपने ज्ञान और मेहनत के बल पर छात्र-छात्राओं, शिक्षक और अभिभावकों के काफी नजदीक रहे।
शिक्षक सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि प्रधानाध्यापक श्री दिलीप कुमार जी को मुझे बहुत ही करीब से समझने-परखने का मौका मिला है। एक सफल शिक्षक होने के साथ-साथ वे एक सफल इंसान और समाजसेवी और एक सजग पर्यावरण प्रेमी भी हैं। उन्होंने शिक्षक की नौकरी एक चैलेंज के रूप में निभाई है।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की छात्राओं के स्वागतगान से जबकि समापन विदाई गीत से की गई।
इस अवसर पर सर्वश्री वरिष्ठ शिक्षक राकेश बिहारी शर्मा, रणजीत कुमार सिन्हा, जितेंद्र कुमार मेहता, सुरेन्द्र कुमार, सतीश कुमार, सच्चिदानंद प्रसाद, अनीता कुमारी, मो. रिज़वान अफताब, अनुज कुमार, सुरेश कुमार, विश्वरंजन कुमार, मुकेश कुमार, रामजी चौधरी, एवं विद्यालय के अन्य शिक्षक, शिक्षिका और गणमान्य लोग द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षक को माला पहनाकर, अंगवस्त्र व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। छात्रों और उपस्थित गणमान्य लोगों ने भी कई उपहार भेंट स्वरूप प्रदान किए।







