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गंगा और रामगंगा का बढ़ता जलस्तर: कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूटा, हजारों बीघा फसल डूबी

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबाद । पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश और बांधों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे फर्रुखाबाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, October 12, 2025

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबाद । पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश और बांधों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे फर्रुखाबाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे, यानी 137.00 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है, जबकि चेतावनी बिंदु 136.60 सेंटीमीटर और खतरे का निशान 137.10 सेंटीमीटर तय किया गया है।

वहीं, रामगंगा नदी का जलस्तर भी 134.55 सेंटीमीटर तक दर्ज किया गया है।बांधों से छोड़ा जा रहा है भारी मात्रा में पानी नरौरा बांध से छोड़ा गया पानी: 1,50,798 क्यूसेक बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी: 2,68,289 क्यूसेक,हरिद्वार से छोड़ा गया पानी: 2,36,932 क्यूसेक, रामगंगा नदी में छोड़ा गया पानी: 73,131 क्यूसेक,इस भारी जलप्रवाह के कारण गंगा किनारे बसे गांवों की हजारों बीघा खेती जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

पानी का तेज बहाव कई स्थानों पर संपर्क मार्गों को तोड़ चुका है, जिससे गांवों का तहसील और मुख्यालय से संपर्क कट गया है।तीनों तहसीलों में असर फर्रुखाबाद की तीनों तहसीलों – कायमगंज, अमृतपुर और सदर – में बाढ़ का असर देखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत सामग्री, नावों की व्यवस्था और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की मांग की है।

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