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मां की ममता को मौत से खींच लाए डॉक्टर, मेडिकल कॉलेज में हाई रिस्क सर्जरी से बची जान

सरसावा(अंजू प्रताप)। राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने सूझबूझ और दक्षता का परिचय देते हुए एक बेहद जटिल स्थिति में गर्भवती महिला की जान बचाई। गंभीर संक्रमण, मृत भ्रूण और दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी से जूझ रही महिला का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया गया। सहारनपुर

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, October 17, 2025

सरसावा(अंजू प्रताप)। राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने सूझबूझ और दक्षता का परिचय देते हुए एक बेहद जटिल स्थिति में गर्भवती महिला की जान बचाई। गंभीर संक्रमण, मृत भ्रूण और दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी से जूझ रही महिला का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया गया।

सहारनपुर की रहने वाली 32 वर्षीय गर्भवती महिला बबली पत्नी अजब सिंह निवासी बनेड़ा खास नागल देवबंद को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के चलते जिला महिला चिकित्सालय से गंभीर स्थिति में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहारनपुर रेफर किया गया था। जहां अल्ट्रासाउंड में गर्भस्थ शिशु को मृत घोषित किया गया और जांच में बच्चेदानी फटने तथा सेप्टिक संक्रमण की पुष्टि हुई।

स्थिति अत्यंत नाजुक होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह के नेतृत्व में इमरजेंसी लेप्रोटॉमी सर्जरी कर फटे गर्भाशय को जोड़ा गया और महिला की जान बचाई गई। चुनौती यह भी थी कि मरीज दुर्लभ न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस बीमारी से पीड़ित थी। जिसके चलते शरीर पर असंख्य छोटे ट्यूमर होने के कारण एनेस्थीसिया देना तक जोखिमभरा था।

बावजूद इसके, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. मनु कपिल और डॉ. संदीप सैनी की निगरानी में ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। सर्जरी के बाद महिला को उच्चस्तरीय इलाज, रक्त और एल्बुमिन देकर स्थिर किया गया और 7 अगस्त को स्वस्थ हालत में छुट्टी दी गई। इस कठिन ऑपरेशन में डॉ. चेतना यादव, डॉ. आयशा रहमान, डॉ. शीना मंछंदा, डॉ. हिमांशी समेत पूरी टीम की भूमिका सराहनीय रही।

प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी ने इसे मेडिकल कॉलेज की चिकित्सकीय दक्षता का प्रमाण बताते हुए टीम को बधाई दी और कहा कि इस प्रकार के हाई रिस्क मामलों में लगातार सफलता मिल रही है, जिससे महिलाओं को समय पर जीवन रक्षक इलाज उपलब्ध हो रहा है।

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