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तीन लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित,40 हजार लोग बेघर

राकेश कुमार मिश्र ब्यूरो चीफ कौशाम्बी प्रयागराज l शहर बाढ़ की चपेट में आ गया है। दोनों नदियां शनिवार सुबह ही खतरे का निशान पार कर गईं। इससे लगभग 40 हजार लोग बेघर हो चुके हैं। इसको लेकर प्रशासन की ओर से जिले में हाई अलर्ट घोषित

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, October 29, 2025

राकेश कुमार मिश्र ब्यूरो चीफ कौशाम्बी

प्रयागराज l शहर बाढ़ की चपेट में आ गया है। दोनों नदियां शनिवार सुबह ही खतरे का निशान पार कर गईं। इससे लगभग 40 हजार लोग बेघर हो चुके हैं। इसको लेकर प्रशासन की ओर से जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। नदियों के किनारे स्थित सभी बाढ़ रात चौकियों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।

नावों के साथ मोटर बोट भी लगा दी गई हैं। राहत शिविरों का भी संचालन कर दिया गया है। गंगा और यमुना दोनों नदियां खतरे के निशान 84.73 मीटर (खतरे का निशान) के ऊपर बह रही हैं। गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 1.51 मीटर तो यमुना का 1.20 मीटर बढ़ा है। अभी दोनों नदियों का जल स्तर और बढ़ने की आशंका है। केन, बेतवा और चंबल नदियों के साथ बुंदेलखंड की पांच पहाड़ी नदियों का पानी यमुना में आ रहा है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश तथा बुंदेलखंड में हो रही बारिश के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि बाढ़ को लेकर अलर्ट घोषित कर दिया गया है। निचले इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश सभी अफसरों और कर्मियों को दे दिए गए हैं। जिले में 87 बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। कुल 158 नावें तथा चार मोटर बोट चलाई जा रही हैं। कुल 13 राहत शिविरों में साढ़े तीन हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शरण दिया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ ही जल पुलिस तथा पीएसी बाढ़ राहत दल को लगा दिया गया है।

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