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शिवरात्रि के दिन उमड़ा डाक कांवड़ियों का सैलाब, सरसावा का राष्ट्रीय राजमार्ग आस्था से सराबोर

सरसावा(अंजू प्रताप)। श्रावण मास की शिवरात्रि पर बुधवार को भी सरसावा से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह आस्था के रंग में रंगा रहा। इस दौरान हजारों की संख्या में डाक कांवड़िए गंगा जल लेकर अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग यानी कावड़ मार्ग पर दौड़ते हुए सरसावा नगर से

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, July 23, 2025

सरसावा(अंजू प्रताप)। श्रावण मास की शिवरात्रि पर बुधवार को भी सरसावा से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह आस्था के रंग में रंगा रहा। इस दौरान हजारों की संख्या में डाक कांवड़िए गंगा जल लेकर अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग यानी कावड़ मार्ग पर दौड़ते हुए सरसावा नगर से गुजरते नजर आए। नंगे पांव, तेज़ रफ्तार और गूंजते जयकारों के बीच यह दृश्य किसी तीव्र, जीवंत तीर्थ के अनुभव जैसा प्रतीत हो रहा था। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों से आए शिवभक्तों की टोली लगातार सड़कों पर दिखती रही। कुछ कांवड़िए बाइक से आ रहे थे, तो कुछ पूरी तरह पैदल या दौड़ते हुए उनकी गति और मनोबल दोनों देखने योग्य थे।

पूरे मार्ग पर जगह-जगह “बोल बम” के जयघोष, कांवड़ियों के जत्थे, और उनकी सेवा में तत्पर सामाजिक संगठन माहौल को भक्तिमय बना रहे थे। कांवड़ मार्ग पर भीड़ और गति को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट नजर आया। नगर क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए कई स्थानों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया, और संवेदनशील बिंदुओं पर पुलिस अधिकारी खुद मोर्चा संभाले रहे। मेडिकल सहायता केंद्र, जलपान व्यवस्था और स्वच्छता की जिम्मेदारी भी सक्रियता से निभाई जा रही थी। डाक कांवड़ियों की यह अविरल धारा केवल आस्था की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि उस जीवट संकल्प का प्रतीक है जो शरीर की थकान और समय की सीमाओं से ऊपर उठकर सिर्फ शिव को समर्पित होता है। बुधवार की यह शिवरात्रि कस्बे के लिए सिर्फ धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और अनुशासन का जीवंत उदाहरण बन गई।

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