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श्रद्धा, परंपरा और व्यवस्था का संगम बना बनखंडी महादेव मंदिर, शिवरात्रि पर उमड़ा भक्तों का जनसैलाब

सरसावा(अंजू प्रताप)। श्रावण मास की शिवरात्रि पर कस्बे का महाभारत कालीन श्री बनखंडी महादेव मंदिर भक्ति, श्रद्धा और अनुशासन का भव्य केंद्र बन गया। तड़के भोर से ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली सहित कई राज्यों से हजारों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, July 23, 2025

सरसावा(अंजू प्रताप)। श्रावण मास की शिवरात्रि पर कस्बे का महाभारत कालीन श्री बनखंडी महादेव मंदिर भक्ति, श्रद्धा और अनुशासन का भव्य केंद्र बन गया। तड़के भोर से ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली सहित कई राज्यों से हजारों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे। मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण हर-हर महादेव के जयघोषों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित कर परिवार की सुख-शांति की कामना की।

इस ऐतिहासिक मंदिर को लेकर पौराणिक मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों के अनुज सहदेव ने यहां कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने स्वयंभू पिंडी रूप में इस स्थान पर प्रकट होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। पंडित अनिल कौशिक ने बताया कि यहां पर शिवरात्रि श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। जो मंदिर परंपरा की विशेष पहचान है। इसी दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक की परंपरा निभाई जाती है, श्रद्धा और परंपरा का यह संगम और अधिक भावपूर्ण हो जाता है।

मंदिर समिति के अध्यक्ष बिजेंद्र मोगा के नेतृत्व में इस वर्ष आयोजन की समस्त व्यवस्थाएं अत्यंत सुव्यवस्थित और अनुकरणीय रहीं। जल सेवा, पंडाल, छाया, सफाई, लाइटिंग, खोया-पाया केंद्र व भंडारे के प्रबंधों पर उन्होंने स्वयं निगरानी रखी। स्वयंसेवकों और युवाओं की अलग-अलग टीमें पूरे दिन सेवाभाव से लगी रहीं, जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।

आयोजन को सफल बनाने में पुलिस और प्रशासन की सतर्कता भी पूरी तरह प्रभावी रही। थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस, ट्रैफिक विभाग, महिला पुलिस, होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा कर्मियों ने पिकेट पॉइंट, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के माध्यम से सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतज़ाम किए। रूट डायवर्जन और भीड़ नियंत्रण की रणनीति सफल रही। जिससे यातायात भी सुचारु रहा और पूरे आयोजन में कहीं कोई अव्यवस्था नहीं देखी गई।

शिवरात्रि का यह पर्व इस वर्ष केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक समन्वय का एक आदर्श उदाहरण बन गया। श्री बनखंडी महादेव मंदिर ने यह पुनः सिद्ध किया कि जब श्रद्धा, सेवा, अनुशासन और जनभागीदारी एक साथ चलें तो कोई भी आयोजन समाज की सामूहिक चेतना और गौरव का उत्सव बन सकता है। इस दौरान मंदिर कमेटी तथा सरसावा नगर के गणमान्य लोगों सहित श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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