सरसावा(अंजू प्रताप)। कांवड़ यात्रा के दौरान थाना क्षेत्र के शाहजहांपुर गांव में शुक्रवार रात करीब 10:45 बजे उस समय हल्का तनाव उत्पन्न हो गया जब एक इनोवा गाड़ी की टक्कर कुछ शिवभक्तों से मामूली रूप से हो गई। टक्कर बेहद हल्की थी और किसी को चोट तक नहीं लगी, लेकिन गाड़ी चालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कुछ श्रद्धालु आक्रोशित हो उठे और इनोवा गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण बन गई, लेकिन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार शर्मा पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और बेहद संयम व सूझबूझ के साथ स्थिति को संभाला।
पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित युवकों से शांतिपूर्वक संवाद किया और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें समझा-बुझाकर यात्रा के लिए रवाना किया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर न पहुंचती, तो मामला और बढ़ सकता था। लेकिन प्रशासन की तत्परता और विनम्र हस्तक्षेप से बड़ा विवाद टल गया। मौके पर जुटी भीड़ भी धीरे-धीरे शांत हो गई और सामान्य स्थिति बहाल हो गई। इसी बीच, गाड़ी के स्वामी ने दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर दी है। जिन पर तोड़फोड़ में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि जिन व्यक्तियों ने गाड़ी पर चढ़कर तोड़फोड़ की, वे संभवतः सामान्य लोग थे, न कि पंजीकृत कांवड़ यात्री। हालांकि, वायरल वीडियो में एक व्यक्ति कांवड़िया वेशभूषा में भी दिखाई दे रहा है। जिससे पुलिस पूरी सघनता से तथ्य जुटा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटनास्थल पर मौजूद वे दो व्यक्ति कौन थे और क्या वे वास्तव में श्रद्धालु थे या सिर्फ भीड़ का हिस्सा बनकर पहुंचे थे।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार शर्मा ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए सभी पक्षों को शांत किया और यह सुनिश्चित किया कि यात्रा बाधित न हो। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की तत्परता की सराहना की है और कहा कि यदि पुलिस मौके पर देर से पहुंचती, तो मामला बेहद गंभीर रूप ले सकता था। प्रशासन ने आमजन से संयम बनाए रखने और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री को तथ्यों की पुष्टि के बिना न फैलाने की अपील की है। पुलिस 24 घंटे निगरानी में है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।







