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जिस सरसावा पर कभी जलभराव को लेकर उठे थे सवाल, अब वहीं से गूंज रही सेवा की सराहना लाइटों की जगमगाहट और सेवा ने कांवड़ियों का मन मोहा

सरसावा(अंजू प्रताप)। नगर को लेकर जहां पहले बारिश के दौरान जलभराव की तस्वीरें वायरल होती थीं, वहीं इस बार की कांवड़ यात्रा के दौरान यहां से जो दृश्य सामने आया, उसने पूरे प्रदेश को चौंका दिया। कभी जिन सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने की शिकायतें थीं,

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, July 19, 2025

सरसावा(अंजू प्रताप)। नगर को लेकर जहां पहले बारिश के दौरान जलभराव की तस्वीरें वायरल होती थीं, वहीं इस बार की कांवड़ यात्रा के दौरान यहां से जो दृश्य सामने आया, उसने पूरे प्रदेश को चौंका दिया। कभी जिन सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने की शिकायतें थीं, आज वहीं सड़के रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रही हैं, और हरियाली व व्यवस्था से श्रद्धालुओं का स्वागत कर रही हैं।

सरसावा हाईवे बाईपास से लेकर चिलकाना तिराहा तक जिस तरह से सजावट की गई है, वह न केवल दर्शनीय रही बल्कि पूरे मार्ग को आस्था के उल्लास से भर देने वाली साबित हुई। लाइटों की श्रृंखला और उनकी छाया में बहती भीड़ एक सुंदर प्रतीक बन गई, जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर हरियाणा और उत्तराखंड तक वायरल हो रही हैं। खास बात यह है कि वे लोग जो पहले नगर की जल निकासी को लेकर तंज कसते थे, आज उन्हीं की जुबान पर इस व्यवस्था की तारीफ है।

कांवड़ियों के लिए विश्राम स्थल, चिकित्सा सेवाएं, पेयजल की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई, कंट्रोल रूम की सक्रियता और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता ने इस बार की यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया। श्रद्धालु खुद कह रहे हैं कि इस बार की व्यवस्था ने उन्हें हरिद्वार से लेकर सरसावा तक सुकून दिया है। खासकर सरसावा में जिस सेवा भाव और सजावट का अनुभव उन्हें हुआ, वह कुछ ऐसा था जो पहले कभी नहीं देखा।

लोग कह रहे हैं कि अगर कभी व्यवस्था की मिसाल देनी हो, तो इस बार सरसावा का नाम लिया जाना चाहिए। कई श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने नगर पालिका की टीम की सराहना की है, और सोशल मीडिया पर ‘सरसावा मॉडल’ की चर्चा भी शुरू हो गई है।

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि जलभराव की समस्या को लेकर समय-समय पर नगर पालिका पर सवाल उठते रहे हैं। इस बार भी नाले के निर्माण के दौरान कुछ चुनौतियां सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष ने हालात को संभालने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अध्यक्ष द्वारा जल्द ही जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान का दावा किया गया है, और वर्तमान में देखा गया है कि कुछ ही घंटों में पानी की निकासी सुनिश्चित हो रही है — जो पहले घंटों लगती थी।

यह बदलाव अचानक नहीं आया है। इसके पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आस्था-प्रेरित शासन नीति और नगर विकास मंत्री के मार्गदर्शन की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। लगातार दिए गए निर्देशों और प्रशासनिक एकजुटता के कारण ही इस बार सरसावा न केवल बेहतर व्यवस्था का केंद्र बना, बल्कि पूरे प्रदेश में उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।

फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि एक समय जो नगर जलभराव की वजह से बदनामी का कारण बना था, वही आज सेवा, सौंदर्य और सजगता की वजह से पहचान बना रहा है। कांवड़ यात्रा के बीच जो सजावट और सेवाएं यहां दिखीं, उन्होंने इस साल की यात्रा को खास बना दिया है और यह तारीफ केवल नगर की नहीं बल्कि प्रदेश की सोच और जिम्मेदार कार्यशैली की भी है।

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