दर्जनों गांवों में बिजली गुल, 18 घंटे सप्लाई का वादा हुआ फेल - चारमार गांव में शराबबंदी के लिए ग्रामीणों का मोर्चा: थाना प्रभारी से सहयोग और कार्रवाई की गुहार - सड़क किनारे मिली महिला की लाश, इलाके में मचा हड़कंप; शिनाख्त में जुटी घरघोड़ा पुलिस - अम्बेडकरनगर की बेटी नेहा खान बनीं उप्र अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य, पदभार ग्रहण करते ही समर्थकों में उत्साह - मुसहर परिवारों के लिए बड़ी पहल: चाफ में लगी चौपाल, शत-प्रतिशत योजनाओं से जोड़ने पर जोरदर्जनों गांवों में बिजली गुल, 18 घंटे सप्लाई का वादा हुआ फेल - चारमार गांव में शराबबंदी के लिए ग्रामीणों का मोर्चा: थाना प्रभारी से सहयोग और कार्रवाई की गुहार - सड़क किनारे मिली महिला की लाश, इलाके में मचा हड़कंप; शिनाख्त में जुटी घरघोड़ा पुलिस - अम्बेडकरनगर की बेटी नेहा खान बनीं उप्र अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य, पदभार ग्रहण करते ही समर्थकों में उत्साह - मुसहर परिवारों के लिए बड़ी पहल: चाफ में लगी चौपाल, शत-प्रतिशत योजनाओं से जोड़ने पर जोर

दर्जनों गांवों में बिजली गुल, 18 घंटे सप्लाई का वादा हुआ फेल

लगभग 5 दर्जन से अधिक गांव में बिजली सप्लाई पिछले कई दिनों से कई घंटों घंटों से पूरी तरह से बंद ।

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Friday, September 11, 2026

पूरनपुर/पीलीभीत। स्थानीय बिजली विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। घुंघचाई व शेरपुर कलां विद्युत उपकेंद्र के फीडरों की बिजली गुल होने से सैकड़ों गांवों में हाहाकार मचा हुआ है। मुख्यमंत्री के 18 घंटे बिजली देने के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वहीं
सबसे ज्यादा बुरा हाल शेरपुर कलां फीडर का है। इस एक फीडर के अंतर्गत लगभग 5 दर्जन से अधिक गांव आते हैं, जिनकी बिजली सप्लाई पिछले कई घंटों से पूरी तरह से बंद है। इन गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। वहीं घुंघचाई फीडर से जुड़े कबीरपुर, कसगंजा, सिकरहना, भूप सिंह गुलड़िया, सिमरिया तालुका, अजीतपुर, बिल्हा, जितौरिया, टांडा सहित दर्जनों गांव भी घंटों से बिना बिजली के हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की ओर से कोई सूचना भी नहीं दी जाती है कि बिजली कब आएगी। भीषण गर्मी में बिना बिजली और पानी के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई भी ठप हो गई है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ आदेश दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली दी जाए, लेकिन इन शेरपुर कलां व घुंघचिहाई में अधिकारी उनके आदेश को पलीता लगा रहे हैं। कागजों में 18 घंटे दिखाकर हकीकत में 8-10 घंटे भी बिजली नहीं दी जा रही है।


ग्रामीणों ने जिलाधिकारी पीलीभीत और अधीक्षण अभियंता से मांग की है कि घुंघचाई और शेरपुर कलां फीडर की इस अघोषित कटौती को तुरंत बंद कराया जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले