रायबरेली ब्यूरो।। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना रायबरेली में 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ, मुख्य अतिथि महाप्रबंधक रामन कृष्णन ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। रेलवे सुरक्षा बल की परेड में उ.प्र. पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के कर्मचारी तथा स्काउट एवं गाइड के बच्चे भी शामिल हुए।

महाप्रबन्धक महोदय ने स्वतंत्रता दिवस के सम्बोधन में आरेडिका परिवार को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों एवं वीर जवानों के त्याग और बलिदान को नमन किया तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
आरेडिका की वर्ष 2025-26 उपलब्धियों के बारे में बताते हुए श्री कृष्णन ने कहा कि मुझे अत्यंत हर्ष है कि आरेडिका निरंतर प्रगति के नए-नए आयाम स्थापित कर रहा है और भारतीय रेलवे की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2025-26 में हम ने 2,126 कोचों का निर्माण किया है जो अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन है। हमारे लिए यह गौरव का विषय है कि वित्त वर्ष 2026-27 में आरेडिका ने 16000वाँ कोच बनाया। इसी क्रम में आरेडिका ने वंदे भारत चेयर कार के प्रथम रेक का निर्माण किया। साथ ही, मेमू एवं अमृत भारत 3.0 कोचों के निर्माण की जिम्मेदारी भी निभाई जा रही है। 8-कार फॉरमेशन वाले मेमू के 6 रेक तैयार हो चुके हैं तथा 12-कार फॉरमेशन वाले मेमू के प्रथम प्रोटोटाइप पर कार्य जारी है।
उन्होंने कहा कि उत्पादन के साथ सेफ्टी एवं क्वालिटी को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आरेडिका द्वारा पहली बार आरडीएसओ के लिए ट्रैक निरीक्षण एवं निगरानी कार का निर्माण कर जुलाई में सौंपा गया। यात्रियों की सुरक्षा के लिए फायरप्रूफ एलएचबी कोच भी विकसित किया जा रहा है, जिसका प्रथम कोच जून में निकाला गया। आधुनिक तकनीक एवं बेहतर क्वालिटी कंट्रोल के लिए शेल शॉप, बोगी शॉप एवं अन्य शॉपों में नई मशीनें एवं सुविधाएँ स्थापित की जा रही हैं।
फोर्ज्ड व्हील प्लांट ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में निर्धारित 50,000 के लक्ष्य के मुकाबले 59,301 पहियों का उत्पादन किया।

आरेडिका में क्वालिटी प्रथम एवं शून्य डिफेक्ट की अवधारणा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कर्मचारी कल्याण एवं कौशल विकास के तहत इस वर्ष 845 कर्मचारियों को सेफ्टी कॉउसलिंग तथा 1,113 कर्मचारियों को फायर फाइटिंग ट्रेनिंग दी गई। रेल कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक 1,248 स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा एक्ट एप्रेन्टिस के अंतर्गत 153 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जुलाई तक 19 हजार पौधे लगाए गए। वित्त वर्ष 2025-26 में 112 मिलियन लीटर भू-जल का संरक्षण किया गया। वर्ष 2025-26 में 1,051 किलोवाट अतिरिक्त सोलर कैपेसिटी स्थापित होने से कुल सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 5.13 मेगावाट हो गई है, जिससे लगभग 52 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन एवं करीब 3 करोड़ रुपये की बचत हुई।
आवास संबंधी शिकायतों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए आरवीएमएस डिजीटल एप शुरू किया गया है। खेल एवं कर्मचारी कल्याण के क्षेत्र में भी आरेडिका की उपलब्धियाँ उल्लेखनीय हैं। ऑल इंडिया रेलवे हॉकी एवं गोल्फ प्रतियोगिताओं के आयोजन की जिम्मेदारी मिलना गौरव का विषय है। आरेडिका की खिलाड़ी मुनिता प्रजापति ने सीनियर अंतर-राज्यीय एथलेटिक्स चौंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर संस्थान का गौरव बढ़ाया।
आरेडिका सांस्कृतिक संगठन, ज्ञानदा बाल मंदिर तथा स्काउट एवं गाइड के बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत एवं समूह लोक नृत्य सहित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
आवासीय परिसर स्थित ज्ञानदा बाल मंदिर में आरेडिका महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा कंचना रामन ने ध्वजारोहण किया, जिसमें महिला कल्याण संगठन की अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहीं।
हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने घरों एवं जन सेवा भवनों पर तिरंगा फहराया गया तथा सेवा भवनों को तिरंगे के रंग में सजाया गया।
अंत में महाप्रबंधक महोदय ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, महिला कल्याण संगठन, यूनियनों एवं एसोसिएशनों को उनके समर्पण एवं सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि आरेडिका की प्रत्येक उपलब्धि पूरे आरेडिका परिवार की सामूहिक उपलब्धि है। उन्होंने सभी से गुणवत्ता, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण एवं कर्मचारी कल्याण के क्षेत्र में मिलकर कार्य करते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के प्रोहत्साहित किया।





