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झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से किसान की संदिग्ध मौत

तीन दिन से था बुखार, परिजनों ने मांगी पोस्टमार्टम जांच

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, August 15, 2026

फर्रुखाबाद

जनपद फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिरौली गांव में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक खुलकर सामने आया है। यहाँ शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में 50 वर्षीय किसान उदयवीर की मौत हो गई। मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच व पोस्टमार्टम की मांग की है।

बुखार बना जी का जंजाल

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार उदयवीर को लगभग तीन दिन पहले तेज बुखार आया था। शुरुआती अनदेखी के बाद शुक्रवार को उन्होंने सिरौली गांव में ही क्लिनिक खोले एक डॉक्टर से दवा ली थी। हालांकि दवा खाने के बाद भी उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार की शाम को डाक्टर ने उदयवीर को इंजेक्शन लगाया और कुछ दबा दी, और फिर डॉक्टर चला गया। लेकिन शाम से ही उदयवीर की तबियत बिगड़ने लगी थी। कई बार फोन करने पर भी डाक्टर ने सिर्फ सुबह आकर देखने की बात कही और फोन बंद कर लिया। शनिवार दोपहर को अचानक उनकी तबीयत हद से ज्यादा खराब हो गई, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन तुरंत उन्हें फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल के लिए लेकर निकले, लेकिन रास्ते में ही उदयवीर ने दम तोड़ दिया।

पुराने मामलों पर भी उठे गंभीर सवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय स्तर पर दबी जुबान से कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि जिस डॉक्टर के यहाँ उदयवीर का इलाज चल रहा था, उसी के क्लिनिक पर लगभग 5 महीने पहले भी गलत इलाज के कारण एक अन्य युवक की मौत हो चुकी है। आरोप है कि उस समय प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत और साठगांठ के चलते मृतक के परिजनों को अपने झांसे में लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया था। अब एक बार फिर उसी डॉक्टर की कथित लापरवाही से एक हंसता-खेता परिवार उजड़ गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक उदयवीर अपने पाँच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके अचानक यूं चले जाने से उनकी पत्नी प्रेमलता, पुत्री रीना, तथा दो छोटे बेटों नैतिक और सूर्यांश के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। शनिवार शाम मृतक के भाई नरसिंह ने स्थानीय थाने में लिखित फौती सूचना देकर भाई के शव का पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई।

पुलिस का बयान

वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असल कारणों का खुलासा होगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अब देखना यह होगा कि क्या इस बार स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन इस झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर पिछले मामले की तरह इस बार भी फाइलें ठंडे बस्ते में चली जाती हैं।

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