मुरादाबाद: ससुराल से जेवर चोरी के आरोप में नवविवाहिता समेत 2 गिरफ्तार, डिलारी पुलिस ने किया खुलासा - ब्रिटिश राज के खिलाफ सबसे बड़ा आन्दोलन था अगस्त क्रान्ति - मुकेश रस्तोगी - शिक्षा की राह में छोटा-सा योगदान, बच्चों के सपनों को नई उड़ान : मंत्री श्री राजेश अग्रवाल - बाढ़ के कटान से गांव के 17 घर गंगा में समाए - तेजतर्रार पुलिसिंग का नतीजा, रोटावेटर समेत ट्रैक्टर बरामद,मुरादाबाद: ससुराल से जेवर चोरी के आरोप में नवविवाहिता समेत 2 गिरफ्तार, डिलारी पुलिस ने किया खुलासा - ब्रिटिश राज के खिलाफ सबसे बड़ा आन्दोलन था अगस्त क्रान्ति - मुकेश रस्तोगी - शिक्षा की राह में छोटा-सा योगदान, बच्चों के सपनों को नई उड़ान : मंत्री श्री राजेश अग्रवाल - बाढ़ के कटान से गांव के 17 घर गंगा में समाए - तेजतर्रार पुलिसिंग का नतीजा, रोटावेटर समेत ट्रैक्टर बरामद,

सावन में नियमों की धज्जियां, चिनहट-मल्हौर रोड पर बेधड़क बिक रहा अवैध मांस-मछली

हाइकोर्ट व मुख्यमंत्री के सख्त आदेश बेअसर, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की साठगांठ पर उठे गंभीर सवाल

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, August 9, 2026

जिला संवाददाता

दैनिक अयोध्या टाइम्स

लखनऊ। पवित्र सावन माह को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास अवैध मांस-मछली की दुकानों पर रोक लगाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में प्रशासनिक ढिलाई और साठगांठ के चलते जमीनी हकीकत पूरी तरह उलट नजर आ रही है।

चिनहट तिराहे से मल्हौर रेलवे स्टेशन जाने वाले मुख्य मार्ग पर सार्वजनिक फुटपाथ और सड़क किनारे अवैध मांस-मछली की दुकानें सजाई जा रही हैं। इससे सड़क पर गंदगी और दुर्गंध फैल रही है, जिससे वहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

चौंकाने वाली बात यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट (PIL 402/2024) के स्पष्ट दिशानिर्देशों और मुख्यमंत्री के सख्त रवैये के बाद भी स्थानीय तंत्र गहरी नींद में सोया हुआ है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों की शह के बिना यह कारोबार संचालित होना असंभव है।

नगर निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस कमिश्नरेट की संयुक्त टीम की इस अनदेखी से कानून-व्यवस्था के इकबाल और श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि शासन इस प्रशासनिक लापरवाही पर क्या संज्ञान लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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