Kanpur में भीषण सड़क हादसा: नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई Scorpio, तीन की मौत, 9 लोग घायल - 19 July की All-Party Meet: मानसून सत्र में 130वें Bill पर विपक्ष और सरकार में होगी आर-पार की जंग! - BJP राज्यसभा में बहुमत के करीब: West Bengal से मिली 3 सीटों की बढ़त, बदलेगी तस्वीर! - सिर्फ एक क्लिक और जिंदगी भर की कमाई गायब! - बालक की हत्या कर खेत में गाड़कर शव छुपाने वाला शातिर आरोपी हेमंत कुमार केंवटसाकिन परसदा खुर्द को किया गया गिरफ्तार।Kanpur में भीषण सड़क हादसा: नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई Scorpio, तीन की मौत, 9 लोग घायल - 19 July की All-Party Meet: मानसून सत्र में 130वें Bill पर विपक्ष और सरकार में होगी आर-पार की जंग! - BJP राज्यसभा में बहुमत के करीब: West Bengal से मिली 3 सीटों की बढ़त, बदलेगी तस्वीर! - सिर्फ एक क्लिक और जिंदगी भर की कमाई गायब! - बालक की हत्या कर खेत में गाड़कर शव छुपाने वाला शातिर आरोपी हेमंत कुमार केंवटसाकिन परसदा खुर्द को किया गया गिरफ्तार।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की लखनऊ में सरेआम अवहेलना, एलडीए में जारी है अवैध निर्माण का ‘महाखेला’

LDA सचिव के फरमान की आड़ में पत्रकारों से भागे जोनल अधिकारी; सील के बाद 'तगड़ी डील' कर खुलेआम बेची जा रही शहर की सुरक्षा, वीसी मौन

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, July 13, 2026

जिला संवाददाता लखनऊ

राजधानी लखनऊ में कानून का इकबाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पूरी तरह हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। शासन स्तर से अवैध निर्माणों पर नकेल कसने के जितने भी कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं, लखनऊ विकास प्राधिकरण के भ्रष्ट अधिकारी और भू-माफिया का सिंडिकेट मिलकर सीधे मुख्यमंत्री के उन आदेशों की धज्जियां उड़ाने और अवहेलना करने में जुटा है। तंग गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक, बिना नक्शा पास कराए और बिना फायर एनओसी के गगनचुंबी कमर्शियल इमारतें और अवैध बेसमेंट धड़ल्ले से खोदे जा रहे हैं, लेकिन एलडीए प्रशासन कोई ‘लोड’ लेने को तैयार नहीं है।

सील की ‘मजबूत डील‘: अफसरों का फिक्स फॉर्मूला

स्थानीय सूत्रों और जमीनी हकीकत पर गौर करें तो एलडीए की कार्यप्रणाली अब एक फिक्स फॉर्मूला बन चुकी है। जब भी किसी अवैध निर्माण की शिकायत मीडिया या जनता के माध्यम से तूल पकड़ती है, तो विभाग के जोनल अधिकारी,जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) कागजी खानापूर्ति के लिए मौके पर पहुँचते हैं। बकायदा सरकारी लाल स्याही से परिसर को ‘सील’ करने का नोटिस चपका दिया जाता है।

लेकिन यह ‘सील’ सिर्फ जनता की आँखों में धूल झोंकने का एक जरिया है। आरोप है कि सील लगने के तुरंत बाद, बंद कमरों में भ्रष्ट अधिकारियों और अवैध निर्माणकर्ताओं के बीच ‘मजबूत डील’ का खेल शुरू हो जाता है। जैसे ही डील का मोटा हिस्सा अफसरों की जेबों तक पहुँचता है, वैसे ही सील परिसर के भीतर रात के अंधेरे में दोबारा काम शुरू करवा दिया जाता है।

सूत्रों से मिली बड़ी जानकारी पत्रकारों से दूरी और सचिव की चुप्पी

इस पूरे मामले में विभाग के ही अंदरूनी सूत्रों से एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, एलडीए के बड़े अफसरों ने जोनल अधिकारियों को मौखिक रूप से निर्देश दे रखे हैं कि वे इस मामले पर मीडिया या पत्रकारों से सीधे कोई बात न करें। इसी अंदरूनी आदेश का बहाना बनाकर जोनल अधिकारी अब पत्रकारों के फोन कॉल्स को नजरअंदाज कर रहे हैं

सरकारी CUG नंबर को ‘जागीर’ समझ बैठे जोनल अधिकारी, जनता और पत्रकारों से बनाई दूरी

इस पूरे भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए एलडीए के अफसरों ने अब एक नया पैंतरा ढूंढ निकाला है। सूत्रों से यह बात सामने आ रही है कि जोनल अधिकारियों को पत्रकारों से बात न करने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं। लेकिन यहाँ सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठता है कि क्या किसी पत्रकार के फोन नंबर पर कोई विशेष टैग लगा होता है जिसे देखकर अधिकारी फोन कॉल को अनदेखा कर देते है।

असलियत यह है कि इन अधिकारियों को मिलने वाला सी यू जी नंबर कोई इनकी निजी संपत्ति नहीं, बल्कि सरकारी संसाधन है। नियम के मुताबिक, यह नंबर अधिकारियों को इसलिए अलॉट किया जाता है ताकि वे 24 घंटे जनता की शिकायतों और समस्याओं के प्रति जवाबदेह रहें। अधिकारी चाहे दफ्तर में हो या फील्ड में, CUG नंबर पर आने वाली हर कॉल को रिसीव करना उनकी जिम्मेदारी है, इसे बंद रखने या इग्नोर करने का अधिकार किसी को नहीं है।

लेकिन एलडीए के ये जोनल अधिकारी सरकारी CUG नंबर को अपनी निजी जागीर समझकर बैठ गए हैं। जब कोई सजग पत्रकार या आम जनता अपने सामान्य नंबर से अवैध निर्माण और संभावित हादसों की शिकायत के लिए फोन मिलाती है, तो ये अफसर फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझते। अब सवाल यह है कि जब सरकारी नंबरों पर जनता और मीडिया की कॉल्स को सीधे ब्लॉक या इग्नोर किया जा रहा है, तो फिर इन अधिकारियों की रहस्यमयी ‘डीलिंग’ आखिर किन लोगों के साथ चल रही है।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले