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19 July की All-Party Meet: मानसून सत्र में 130वें Bill पर विपक्ष और सरकार में होगी आर-पार की जंग!

विपक्ष इसे सरकारों को अस्थिर करने वाला हथियार बताकर टकराव की योजना बना रहा है, जिससे सत्र में राजनीतिक गहमागहमी तय है।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, July 13, 2026

सरकार ने संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले, 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार अपने विधायी एजेंडे की रूपरेखा पेश कर सकती है, जबकि विपक्षी दल उन मुद्दों को रख सकते हैं जिन्हें वे सत्र के दौरान उठाना चाहते हैं। मानसून सत्र के हंगामेदार रहने की उम्मीद है क्योंकि सरकार अहम संवैधानिक संशोधन बिल पेश कर सकती है। इनमें 130वां संविधान संशोधन बिल भी शामिल है, जिसके तहत अगर प्रधानमंत्री, मंत्री या मुख्यमंत्री हिरासत में लिए जाने के बाद खुद पद नहीं छोड़ते हैं, तो उन्हें हिरासत के 31वें दिन अपने-आप पद से हटा दिया जाएगा।
130वें संविधान संशोधन बिल की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के 17 जुलाई को संसद में अपनी रिपोर्ट सौंपने से पहले उसे मंज़ूरी देने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, समिति ने सुझाव दिया है कि अगर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को गंभीर अपराधों के आरोप में लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रखा जाता है, तो उन्हें उनके पदों से स्थायी रूप से हटाने के बजाय सस्पेंड कर दिया जाए।

समिति ने एक ‘ऑटोमैटिक रिवर्सल क्लॉज़’ (अपने-आप बहाली का नियम) का भी प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत अगर ऐसे लोगों को बरी कर दिया जाता है या तय समय के भीतर उन पर मुकदमा नहीं चलाया जाता है, तो उन्हें उनका पद वापस मिल जाएगा। अधिकांश विपक्षी दलों ने संयुक्त समिति से खुद को अलग कर लिया था, क्योंकि उन्होंने विधेयक को अपनी सरकारों को अस्थिर करने का एक हथियार बताया था।
अपनी रिपोर्ट में, समिति ने गंभीर आपराधिक अपराधों को परिभाषित करते हुए कहा है कि इस शब्द का तात्पर्य उन अपराधों से होना चाहिए जिनके लिए 5 वर्ष या उससे अधिक की कारावास की सजा हो सकती है। संविधान संशोधन बिल पास करने के लिए सरकार को दोनों सदनों में मौजूद और वोटिंग करने वाले सदस्यों में से दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन की ज़रूरत होती है। दो-तिहाई बहुमत पाने के लिए NDA को 360 सदस्यों की ज़रूरत होगी। अभी NDA के पास 293 सदस्य हैं, लेकिन अगर TMC के 20 बागी सांसद और शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसद समर्थन देते हैं, तो उनकी संख्या बढ़कर 319 हो सकती है।

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