●10 मोहर्रम को बरामद हुआ अशरे का जलूस
संवादाता / भरत अग्रवाल
10 मोहर्रम नवासा ए रसूल हज़रत इमाम हुसैन अलैहिससलाम कि शहादत के मौक़े पर नगर में चल एक विशाल मातमी जलूस निकाला गया। जलूस बरामदगी से पूर्व नगर के इमाम बरगाह दरबार ए हुसैन कोट ओर इमाम बारगाह असद अली छत्ता में मजलिस बरपा हुई। जिसे मौलाना तनवीर आलम साहब नें ख़िताब किया। मजलिस के बाद बड़ा दरवाज़ा स्थित इमाम बरगाह ग़ालिब अली से ओर दूसरा ताज़िया इमाम बरगाह कज़ियान से बरामद हुआ जो मोहल्ला छत्ता स्थित मोहम्मदी मस्जिद के पास आकर जलूस नें विशाल रूप ले लिया ये मातमी जलूस शाम 5 बजे कसरे फातमी चौक पहुंचा जहाँ पर मौलाना तनवीर आलम साहब नें हज़रत इमाम हुसैन अलैहिससलाम कि दर्दनाक शहादत बयां कि जिसे सुनकर वहाँ मौजूद आज़ादारों नें ज़ार ज़ार गिरिया किया। हज़रत इमाम हुसैन चौक पर अंजुमन हुसैनिया नें ज़नजीर ज़नी कि देर शाम ये विशाल मातमी जलूस मुख्य बाज़ार से होते हुए थाना चौक पर पहुंचा तो पहले अंजुमन हैदरी ओर फिर मुल्क कि मारुफ अंजुमन अंजुमन सरकारे अबुतालिब के नौजवानो नें बीबी ज़ेहरा सलामुलाहे अलेहा कि खिदमत में उनके लाल का पुरसा पेश किया। देर रात मातमी जलूस इमाम बारगाह महल में पहुंचा तो असगर हुसैन,वसी हैदर शब्बू,इमतियाज़ हुसैन नें दर्दनाक मरसिया पढ़ा। इमाम बारगाह महल से रवाना होकर ये जलूस दादा मिराजी से होते हुए दरगाह क़र्बला पर जाकर समाप्त हुआ जलूस कि समाप्ति पर देर रात सभी इमाम बरगाहो में शामे ग़रीबा के मसायब बयां किये। इस दौरान हज़ारो कि संख्या में शिया सोग्वार मौजूद रहे







