मुरादाबाद। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ द्वारा हर साल 15 जुलाई को आयोजित किए जाने वाले देशव्यापी महारक्तदान महाअभियान और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि रक्तदान मानव सेवा का सबसे पुनीत कार्य है और किसी को जीवनदान देना वस्तुतः ईश्वर की सेवा करना है। उन्होंने महासंघ की टीम को बधाई देते हुए कहा कि गत वर्ष 1,23,000 यूनिट रक्तदान कर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त करना टीम की निष्ठा और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।
आचार्य देवव्रत ने कहा कि यह अभियान अब केवल रक्तदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम, मानवता सर्वोपरि’ की भावना को जन-जन तक पहुंचाने वाला एक व्यापक सामाजिक आंदोलन बन चुका है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के माध्यम से महासंघ ने ‘भारत-श्रेष्ठ भारत’ तथा ‘हरित भारत’ के संकल्प को जो जन-अभियान का रूप दिया है, वह अत्यंत सराहनीय है। राज्यपाल ने कहा, “प्रकृति का संवर्धन ही आने वाली पीढ़ी के लिए हमारी सबसे बड़ी धरोहर है।”
संदेश के अंत में राज्यपाल ने इस राष्ट्रहितकारी अभियान से जुड़े सभी युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और रक्तदाताओं के सेवाभाव को नमन किया। उन्होंने कहा कि महासंघ की यह निस्वार्थ सेवा निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी और राष्ट्र निर्माण में सहायक सिद्ध होगी। राज्यपाल ने इस भगीरथ कार्य की निरंतर सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।
क्या है महाअभियान:
भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ हर साल 15 जुलाई को देशभर में रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण का आयोजन करता है।




