संवाददाता: फरीद अहमद
किशनगंज, 17 जून। भारत-नेपाल सीमा से सटे गलगलिया अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार देर रात अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग ने तेजी से फैलते हुए आसपास की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति नष्ट हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसएसबी के जवान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। आग की भयावहता को देखते हुए नेपाल से दमकल वाहन बुलाया गया। काफी प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। स्थानीय लोगों के अनुसार समय पर दमकल सेवा नहीं पहुंचती तो नुकसान और भी बढ़ सकता था।
अग्निकांड के बाद एआईएमआईएम नेता गुलाम हसनैन ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र में अग्निशमन सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि ठाकुरगंज और आसपास के इलाकों में फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण आग जैसी आपात स्थितियों में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि दमकल वाहन के दूर से आने के कारण राहत कार्य में देरी होती है, जिससे नुकसान बढ़ जाता है।
गुलाम हसनैन ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से मांग की कि ठाकुरगंज में जल्द से जल्द एक स्थायी अग्निशमन केंद्र स्थापित किया जाए और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए यह व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। अग्निकांड मामले पर गुलाम हसनैन व्यवस्था को लेकर स्थानीय विधायक को बातों से घेरा और कहा कि चूनाव के छः माह बीतने के बाद भी अभी तक जन समस्या की बातों को विधानसभा में नहीं उठाया गया है अगर हमारी मांगे नहीं सुनी गई तो जन आंदोलन होगा और हम लोग इसके लिए जन आंदोलन करेंगे।
घटना के बाद प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं प्रभावित दुकानदारों ने सरकार से उचित मुआवजा और राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।







