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विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर एम्स द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को खाद्य अपमिश्रण की पहचान हेतु दिया गया प्रशिक्षण

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एम्स रायबरेली के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, सलोन में आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, June 8, 2026

• ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, सलोन में आशा कार्यकर्ताओं को खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट की पहचान के लिए प्रशिक्षित करना तथा समुदाय स्तर पर खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।*

• आशा कार्यकर्ताओं को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा विकसित सरल घरेलू परीक्षणों के माध्यम से लगभग 50 दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्रियों में मिलावट की पहचान करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

रायबरेली ब्यूरो।। 8 मई 2026। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एम्स रायबरेली के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, सलोन में आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं को खाद्य पदार्थों में होने वाले अपमिश्रण (मिलावट) की पहचान के लिए प्रशिक्षित करना तथा समुदाय स्तर पर खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा विकसित सरल घरेलू परीक्षणों के माध्यम से लगभग 50 दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्रियों में मिलावट की पहचान करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में विभिन्न खाद्य पदार्थों में होने वाली सामान्य मिलावटों तथा उनसे होने वाले स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी भी दी गई।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन के निर्देशानुसार तथा सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भोला नाथ के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।प्रशिक्षण का संचालन डॉ. मुकेश शुक्ला, एडिशनल प्रोफेसर एवं केंद्र प्रभारी, सीआरएचए (Centre for Rural Health), एम्स रायबरेली के नेतृत्व में डॉ. स्वलेहा सीनियर रेजिडेंट, डॉ. शैव्या चौहान एवं डॉ. हिशाम, जूनियर रेजिडेंट, सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग, एम्स रायबरेली द्वारा किया गया।कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा के महत्व, मिलावटी खाद्य पदार्थों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों तथा घरेलू स्तर पर मिलावट की पहचान करने की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा संबंधी जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की समय रहते पहचान कर अनेक स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सकता है। आशा कार्यकर्ता समुदाय स्तर पर जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए उन्हें इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना जनस्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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