मंडल का कमंडल खाली बूंद बूंद पानी को तरस रहे बाशिंदे - नहीं रहीं दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस - खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा - CM Suvendu Adhikari का बड़ा ऐलान, West Bengal Cabinet में 35 नए मंत्री लेंगे शपथ - विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर SSB का संकल्प: "नशामुक्त समाज के निर्माण में निभाएंगे सक्रिय भूमिका"मंडल का कमंडल खाली बूंद बूंद पानी को तरस रहे बाशिंदे - नहीं रहीं दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस - खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा - CM Suvendu Adhikari का बड़ा ऐलान, West Bengal Cabinet में 35 नए मंत्री लेंगे शपथ - विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर SSB का संकल्प: "नशामुक्त समाज के निर्माण में निभाएंगे सक्रिय भूमिका"

मंडल का कमंडल खाली बूंद बूंद पानी को तरस रहे बाशिंदे

राज्य जल शक्ति मंत्री के पड़ोसी सर्वोदय और जवाहर नगर में बड़ा जल संकट

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, June 1, 2026

राजकुमार पाठक

बांदा/जब बुंदेलखंड का बांदा जनपद दुनिया के नक्शे में तापमान को लेकर पहले नंबर पर हो और ऐसी स्थिति में जल जंगल जमीन और खनिज पर कोई चंडाल चौकडी के कब्जो और कारनामों को लेकर जागरूकता की किरण निकल कर बांदा को बचाने के लिए प्रयास की डगर पर मार्च पास्ट करने के इरादे से तैयार हो कर खड़ी हो रही हो और तो और चलने के लिए बीते दिवस शहर के बीच स्थित अवस्थी पार्क से आवाजों की बरसात शुरू हो है हो तब ऐसे ही समय में शहर के अंदर पेय जल संकट की समस्या को लेकर मोहल्लों में लोग न केवल आंहे भर रहे है बल्कि जीवन जीने के लिए जरूरी तत्व पानी की त्रासदी के बीच बढ़ते जल संकट को लेकर त्राहि त्राहि कर रहे है।

हालांकि पेय जल संकट की समस्या शहर में कई जगहों पर कोहराम पैदा कर रही है लेकिन सबसे खराब और बेहाल दशा शहर के कुछ मोहल्लोकी है जो बूंद बूंद पानी के लिए आए दिन अक्सर कई कई दिन तरसते रहते है और जिम्मेदार सिस्टम/ जलसंस्थान तरह के बहाने बना कर, लोगो की प्यास बुझाने का दावा पर दावा ठोकता रहता है और घरों में लगे नलों की टोंटियां एक एक बूंद पानी के लिए इंतजार करती रहती है और पानी है कि नसीब नहीं होता।शहर के लिए पेय जल संकट कोई नई समस्या नही है हर साल समय समय पर जल संकट का पहाड़ कहीं न कहीं यहां खड़ा पाया जाता है। सबसे बुरा हाल बतौर बानगी शहर के उन मोहल्लों का है जिनके नाम बड़े दर्शन छोटे की कहावत चरितार्थ करते है। नाम नयनसुख नयन एक भी नही, नाम लक्ष्मीपति घर में एक धेला भी नही, बस कुछ ऐसा ही हाल उन मोहल्लों का है जिनके नाम से लगता है कि बड़े नगर और विकास का बेहतर उदय होगा लेकिन बतौर उदाहरण शहर के एक मोहल्ले का नाम सर्वोदय नगर है जहां जलापूर्ति सिस्टम अकसर बाधित रहता है, नाम से लगता है कि यहां सब उदय होगा विकास हो गया लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां करती है पुराना उदय अगर छोड़ दिया जाए तो लगभग 15 दिनों से इस सर्वोदय को पीने का पानी नसीब नही हो पा रहा, यहां के घरों में लगे नल और घरों में रहने वाले लोग पीने के पानी के दर्शन के लिए मोहताज जल संस्थान/ज़िम्मेदार सिस्टम का मुंह ताकते रहते है इधर कई दिनों से जब कभी पानी के टैंकर सर्वोदय नगर की गलियों में मांग पर पहुंचते है तो ऐसे लुट्टस मचती है जैसे जरूरत पर घमासान हो रहा हो। आर बी स्कूल को गली से लगाकर गजानन मंदिर के आस पास और आगे पीछे कई दिनों से जलापूर्ति नलों की टोंटियों तक न पहुंचने के कारण लोग कहते है कि यह हाल उस शहर का है जिस ग्रह जनपद और शहर का निवासी राज्य जलशक्ति मंत्री हो। बीते समय जल संकट और बाधित जलापूर्ति को लेकर जिम्मेदारों ने पाइप लाइन बिछवाई थी और बड़े बड़े दावों की धारा बहा कर जलापूर्ति सहित प्यास बुझाने के लिए पानी देने की बात भी दोहराई थी परंतु रात गई बात गई और एक बार फिर पीने के पानी के लिए सर्वोदय नगर के निवासी बेहाल है। लोगो का कहना है कि इस क्षेत्र का अभियंता जहां बहाने का पानी बहाने का बादशाह सा बना रहता है वहीं बाशिंदों की बात सुनने और फोन सुनने में उसको शर्म कहे या परेशानी होती है जलसंस्थान की शोभा बढ़ाने के लिए यहां बड़े बड़े साहब भी मौजूद है लेकिन पानी की समस्या हल करने के नाम उनका भी पानी जैसे मर जाता है।

पेय जल संकट की समस्या सर्वोदय नगर के किनारे स्थित जवाहर नगर की आए दिन खराब रहती है लोग कहते है कि न गांव न शहर और नाम जवाहर नगर की गलियों में पीने का पानी पाने के लिए लोग दिन रात कवायद करते है परंतु पानी है तो प्यास बुझाने के नाम पर नजदीक नहीं आता है इन मोहल्लों।के लोग आए दिन पीने के पानी के लिए इधर उधर भटकते रहते है और सरकारी जल देवता कभी जमालपुर की पाइप लाइन खराब है। तो कभी तरह तरह के बहाने बना कर समय टालते रहते है प्यासे लोग भगवान के सहारे जीने को मजबूर है क्यों कि जीने के लिए पानी जरूरी है।

नजदीक में स्थित इंदिरा नगर में भी कहानी कुछ मिलती जुलती है गौर तलब और गंभीर बात यह कि इंदिरा नगर में ही सरकार के राज्य जल शक्ति मंत्री का आवास है और पीने के पानी के नाम पर पड़ोस प्यासा है। सर्वोदय नगर जवाहर नगर के निवासियों की मांग है कि माननीय राज्य जल शक्ति मंत्री यदि एक नजर उठाकर मंडल जल संस्थान के खाली कमंडल की ओर नजर कर देंगे तो कमडल भर जाएगा और घरों तक पानी आ जायेगा। प्यासे लोगो की प्यास बुझेगी तो पुण्य कार्य भी होगा।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले