निजी स्कूलों की मनमानी और सूचना न देने पर BSA सोनभद्र तलब, जिलाधिकारी कार्यालय से कड़ा आदेश जारी - जिलाधिकारी ने जनगणना सेल का निरीक्षण किया, - जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने जिला कारागार का किया निरीक्षण। - Jio Platforms IPO से पहले Stakeholders की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस : Mukesh Ambani - Yogi का Lucknow से बड़ा बयान, 'जो देश-समाज के लिए खतरा, उनके लिए हिंसा ही उचित'निजी स्कूलों की मनमानी और सूचना न देने पर BSA सोनभद्र तलब, जिलाधिकारी कार्यालय से कड़ा आदेश जारी - जिलाधिकारी ने जनगणना सेल का निरीक्षण किया, - जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने जिला कारागार का किया निरीक्षण। - Jio Platforms IPO से पहले Stakeholders की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस : Mukesh Ambani - Yogi का Lucknow से बड़ा बयान, 'जो देश-समाज के लिए खतरा, उनके लिए हिंसा ही उचित'

निजी स्कूलों की मनमानी और सूचना न देने पर BSA सोनभद्र तलब, जिलाधिकारी कार्यालय से कड़ा आदेश जारी

RTI एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अमान खान की प्रथम अपील पर बड़ी कार्रवाई; बंद लिफाफे में जानकारी दबाने वाले जन सूचना अधिकारी की बढ़ी मुश्किलें

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Sunday, May 31, 2026

राबर्ट्सगंज (सोनभद्र ब्यूरो चीफ)। निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से पुस्तकों के मूल्य निर्धारण, विभागीय स्वीकृति, शुल्क नियंत्रण और संभावित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सूचना छिपाना अब बेसिक शिक्षा विभाग को भारी पड़ने वाला है। आरटीआई (RTI) एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अमान खान द्वारा दायर की गई प्रथम अपील पर जिलाधिकारी कार्यालय (सोनभद्र) ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्यालय बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को नियमानुसार तत्काल कड़ी कार्रवाई करने का लिखित आदेश जारी कर दिया है।

​📌 क्या है पूरा मामला?

  • समय सीमा में नहीं दी जानकारी: आरटीआई कार्यकर्ता अमान खान ने बीते 4 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से एक ऑनलाइन आरटीआई (पंजीकरण संख्या: DMOSB/R/2026/60152) दाखिल की थी। इस आवेदन को 7 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा धारा 6(3) के तहत कार्यालय बेसिक शिक्षा अधिकारी (सोनभद्र) को अंतरित किया गया था।
  • संवेदनशील सूचना दबाने का आरोप: आवेदन में निजी स्कूलों की किताबों के दामों, फीस रेगुलेशन और नियमों के उल्लंघन से जुड़े जनहित के बेहद संवेदनशील सवाल पूछे गए थे. लेकिन, अधिनियम में निर्धारित एक महीने (30 दिन) की समय सीमा बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई. आरोप है कि इस दौरान फोन पर संपर्क करने का प्रयास भी विफल रहा, जिसे सूचना को जानबूझकर दबाने का प्रयास माना गया।

​⚖️ समय सीमा टूटने पर दर्ज हुई प्रथम अपील:

​सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 7(1) का खुला उल्लंघन पाए जाने पर अमान खान ने 26 मई 2026 को प्रथम अपीलीय अधिकारी/जिलाधिकारी के समक्ष ऑनलाइन प्रथम अपील (DMOSB/A/2026/60099) दर्ज करा दी। अपील में लापरवाह जन सूचना अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने और पूरी जानकारी मुफ्त उपलब्ध कराने की मांग की गई।

​🚨 जिलाधिकारी कार्यालय का सख्त रुख:

​मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रथम अपीलीय प्राधिकारी/जिलाधिकारी कार्यालय ने त्वरित एक्शन लिया है। कार्यालय द्वारा जारी आदेश (डायरी संख्या 86) में “BSA, नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें” का कड़ा निर्देश दर्ज करते हुए फाइल सीधे बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रेषित कर दी गई है।

💬 अमान खान (जिला अध्यक्ष – RTI Association) का बयान:

“निजी स्कूलों और शिक्षा विभाग की साठगांठ के चलते जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों की जानकारी छिपाई जा रही थी. जिलाधिकारी कार्यालय के इस सख्त रुख से साफ है कि पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा। यदि BSA कार्यालय द्वारा जल्द ही पूरी जानकारी निष्पक्षता से उपलब्ध नहीं कराई गई, तो हम इस मामले को राज्य सूचना आयोग, लखनऊ के समक्ष द्वितीय अपील और शिकायत के रूप में ले जाएंगे।”

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