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विशेष खोजी रिपोर्ट: सुकृत चौकी बनी ‘अवैध धंधों’ की सुरक्षित पनाहगाह?

'कारखास' और मुंशी के संरक्षण में फल-फूल रहा काला कारोबार; तेल कटिंग से लेकर लकड़ी तस्करी तक की खुली छूट

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Monday, March 23, 2026

सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज) अमान खान ब्यूरो चीफ। जनपद की सुकृत पुलिस चौकी इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर कम और “अवैध वसूली व संगठित अपराध” के कथित केंद्र के रूप में अधिक चर्चा में है। सूत्रों का दावा है कि यहाँ पुलिस की वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार का ऐसा ‘सिंडिकेट’ चल रहा है, जिसने सरकारी राजस्व को चूना लगाने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं।

​सिंडिकेट के मुख्य किरदार और उनके कारनामे:

  • ​ईंधन की ‘कटिंग’ का खेल: सुकृत क्षेत्र में रात के अंधेरे में डीजल और पेट्रोल के टैंकरों से तेल चोरी का धंधा जोरों पर है। आरोप है कि कारखास और मुंशी जैसे पुलिसकर्मियों की सीधी मिलीभगत से टैंकरों को सुरक्षित स्थान दिया जाता है और कटिंग का माल बाजार में खपाया जाता है।
  • ​वन और खनन माफिया की ‘एंट्री’: सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित खैर और साल की लकड़ियों की तस्करी तथा बिना परमिट के बोल्डर लदे ट्रकों को “पास” कराने के लिए चौकी स्तर पर बाकायदा ‘एंट्री’ सिस्टम लागू है।
  • ​सेहत से खिलवाड़: क्षेत्र में मिलावटी खोआ का बड़ा नेटवर्क संचालित है, जिसे कथित तौर पर पुलिसिया संरक्षण प्राप्त है।

​जनता का सवाल:

स्थानीय नागरिकों और ईमानदार व्यापारियों में इस संगठित भ्रष्टाचार को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जो चौकी सुरक्षा के लिए होनी चाहिए, वह अब माफियाओं का ‘टोल प्लाजा’ बन चुकी है।

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