सोनभद्र अमान खान ब्यूरो चीफ। आगामी जनगणना को पूरी तरह डिजिटल और त्रुटिहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और तैयारियों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें सभी विभागों का आपसी समन्वय और समयबद्धता अनिवार्य है।
डिजिटल माध्यम से होगी गणना, ट्रेनिंग पर फोकस
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल स्वरूप होना है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि:
- जनगणना कार्य में लगने वाले सभी मास्टर ट्रेनर्स और कर्मचारियों का प्रशिक्षण उच्च गुणवत्ता वाला होना चाहिए।
- प्रशिक्षण का एक व्यवस्थित कैलेंडर तैयार किया जाए ताकि हर कर्मी ऐप और सॉफ्टवेयर के उपयोग में दक्ष हो सके।
- तकनीकी संसाधनों, इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल उपकरणों की पहले से जांच कर ली जाए ताकि फील्ड वर्क के दौरान कोई बाधा न आए।
कलेक्ट्रेट में स्थापित होगा विशेष ‘जनगणना कक्ष’
कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी ने एक समर्पित जनगणना कक्ष (Census Cell) स्थापित करने के निर्देश दिए। यह कक्ष जनगणना से जुड़े संसाधनों, व्यय प्रबंधन और डेटा मॉनिटरिंग का केंद्र होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक के दौरान प्रशासनिक अमले के कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
- श्री वागीश कुमार शुक्ला (अपर जिलाधिकारी वि./रा.)
- श्री संतपाल वर्मा (जिला अर्थ संख्या अधिकारी)
- श्री मुकुल आनन्द पाण्डेय (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी)
- श्री सुधांशु शेखर शर्मा (जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी)
- श्री ध्रुव गुप्ता (जिला पूर्ति अधिकारी) एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी।







