सोनभद्र अमान खान ब्यूरो चीफ। जनपद में उत्कृष्ट कार्यशैली और मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने के क्रम में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने दो पुलिसकर्मियों को “कॉप ऑफ द मंथ” के सम्मान से नवाजा। इन पुलिसकर्मियों ने गुमशुदा और लापता बालिकाओं की सकुशल बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बिहार से की गई नाबालिगों की सकुशल बरामदगी
सम्मानित होने वाले पुलिसकर्मियों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के मुख्य आरक्षी धनन्जय यादव और विशेष किशोर पुलिस इकाई के आरक्षी अनुराग शुक्ला शामिल हैं। इन दोनों जांबाज कर्मियों ने पेशेवर कुशलता का परिचय देते हुए दो अलग-अलग मामलों में सफलता हासिल की:
- पहला मामला: औरंगाबाद (बिहार) के ग्राम दाउदनगर से 16 वर्षीय अपहृता को कड़ी मशक्कत के बाद 20 जनवरी 2026 को सकुशल बरामद किया।
- दूसरा मामला: थाना रॉबर्ट्सगंज में दर्ज अपहरण के मुकदमे में त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 वर्षीय बालिका को ग्राम गोदापुर, थाना नेवादा से बरामद कर उनके परिजनों को सौंपा।
जिम्मेदार पुलिसिंग की पेश की मिसाल
पुलिस अधीक्षक ने प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए कहा कि इन पुलिसकर्मियों द्वारा किया गया प्रयास जनहित और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण है। एक बेटी को उसके परिवार से मिलाना पुलिस की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि ऐसे सराहनीय कार्यों से न केवल विभाग का गौरव बढ़ता है, बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ होता है।
प्रोत्साहन से बढ़ेगा मनोबल
एसपी ने स्पष्ट किया कि जनपद में अच्छा कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को समय-समय पर पुरस्कृत किया जाता रहेगा। इस सम्मान का उद्देश्य पूरी फोर्स के मनोबल को बढ़ाना और उन्हें जनसेवा के प्रति अधिक समर्पित बनाना है।






