सोनभद्र,अमान खान ब्यूरो चीफ। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में जनपद के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान एसपी ने स्पष्ट किया कि विभाग के भीतर वित्तीय पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यप्रणाली से ही पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी।
कर्मचारी हित सर्वोपरि:
समीक्षा गोष्ठी में वार्षिक वेतन वृद्धि, चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement), और वेतन विसंगतियों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। एसपी ने निर्देश दिए कि कर्मचारियों के जीपीएफ (GPF) और पेंशन भुगतान जैसे मामलों में तनिक भी देरी न की जाए। साथ ही, नवनियुक्त आरक्षियों के लिए आवासीय व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रतिसार निरीक्षक को निर्देशित किया गया।
भवन निर्माण और खरीदारी में पारदर्शिता:
पुलिस अधीक्षक ने निर्माणाधीन भवनों और विभाग द्वारा की जा रही खरीददारी के प्रकरणों की फाइलें चेक कीं। उन्होंने संबंधित शाखा प्रभारियों को चेतावनी दी कि वित्तीय लेन-देन में किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी।
माफियाओं और टॉप-10 अपराधियों पर कसेगा शिकंजा, प्रभावी पैरवी के निर्देश
थानों के पैरोकारों संग एसपी ने की बैठक; गवाहों की सुरक्षा और समय पर साक्ष्य पेश करने की हिदायत
सोनभद्र। प्रशासनिक कार्यों के उपरांत पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने जनपद के सभी थानों के पैरोकारों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिह्नित मामलों पर विशेष चर्चा की गई।
प्रभावी पैरवी से मिलेगा न्याय:
एसपी ने माफियाओं, टॉप-10 अपराधियों, गैंगस्टर एक्ट और गोवध जैसे जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों की समीक्षा की। उन्होंने पैरोकारों को कड़े निर्देश दिए कि:
- माननीय न्यायालय में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।
- चार्जशीट और केस डायरी को बिना किसी देरी के न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए।
- साक्ष्य संकलन (Evidence Collection) में कोई कमी न छोड़ी जाए ताकि अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी:
गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय), क्षेत्राधिकारी कार्यालय, प्रतिसार निरीक्षक, प्रधान लिपिक, प्रभारी आंकिक शाखा, प्रभारी कैश कार्यालय और सीसीटीएनएस प्रभारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।






