राजकुमार पाठक
बांदा / यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज ने लामबंदी शुरू कर दी है। गुरुवार को जिला मुख्यालय में समाज के प्रमुख पदाधिकारियों और प्रबुद्ध वर्ग की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 7 फरवरी को कानून के विरोध में कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। क्षेत्रीय समाज के अध्यक्ष राम सिंह कछवाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में रणनीति तैयार की गई। तय हुआ कि 7 फरवरी को जिले भर से समाज के लोग जीआईसी ग्राउंड में एकत्रित होंगे।
यहाँ से जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए सभी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे। जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। बैठक में वक्ताओं ने यूजीसी कानून की विसंगतियों पर चर्चा करते हुए इसे समाज के हितों के खिलाफ बताया। अध्यक्ष राम सिंह कछवाह ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए उपस्थित पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी। बैठक में समाज के सभी वर्गों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
इस दौरान मुख्य रूप से संकटा प्रसाद त्रिपाठी, जगत राम त्रिपाठी, रमजोर सिंह चंदेल, आशीष त्रिपाठी, जगराम शुक्ला, निर्मल तिवारी, आनंद कुमार गौतम, अभिषेक बाजपेई, धीरेंद्र पांडेय, भगवानदीन गर्ग, राम सरन सिंह कछवाह, धीरेंद्र सिंह गौर, करुणेश सिंह कछवाह, प्रदीप तिवारी, रावेंद्र तिवारी, स्वयं प्रकाश पांडेय, अवध नारायण पांडेय, श्यामबाबू त्रिपाठी, उमेश तिवारी, राजेंद्र कुमार मिश्रा, कमलेश तिवारी, जितेंद्र सिंह पंवार, रमेश कुमार गुप्ता, अनवर रजा, रसीद अहमद व राजू द्विवेदी सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।







