राजकुमार पाठक
बांदा / नरैनी / उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की जमवारा शाखा में बीते दो माह से ई-केवाईसी प्रक्रिया ठप्प होने के कारण मजदूरों को अपनी मेहनत की कमाई निकालने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाखा में नए शाखा प्रबंधक के कार्यभार संभालने के बाद से ही बैंक की व्यवस्थाएं पूरी तरह से ध्वस्त होने का आरोप खाताधारकों ने लगाया है। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा जमवारा के खाताधारक आरिफ, रसीदा, अलाउद्दीन, आसिफ, मुहम्मद आरिफ सहित अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि सोमवार को वे बैंक से धनराशि निकालने पहुंचे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक न तो शाखा प्रबंधक पहुंचे और न ही कोई बाबू। पूरे बैंक का संचालन केवल एक चपरासी के भरोसे चलता रहा।
खाताधारकों ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण बैंक के सभी कंप्यूटर बंद पड़े रहे, जिससे कामकाज पूरी तरह ठप हो गया और बैंक में भारी भीड़ जमा हो गई। मजदूरों का कहना है कि वे बीते दो महीनों से बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन ई-केवाईसी न होने के चलते उनकी मजदूरी की रकम खाते में होते हुए भी नहीं निकल पा रही है। ई केवाईसी के लिए दो माह पहले दस्तावेज दिया था, आज तक बैंक द्वारा केवाईसी नहीं की गई ।
मजदूरों ने यह भी बताया कि इस शाखा में लगभग 70 प्रतिशत खाते मजदूर वर्ग के हैं, जिनका जीवन यापन इसी मजदूरी पर निर्भर है। बावजूद इसके बैंक प्रशासन की लापरवाही से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। आक्रोशित खाताधारकों ने बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शाखा प्रबंधक के स्थानांतरण की मांग की है और शीघ्र व्यवस्था सुधारने की मांग प्रशासन से की है।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक जमवारा कमल मीना ने बताया कि बैंक के सारे कंप्यूटर डायरेक्ट बिजली से कनेक्ट है जब लाइट आएगी तभी सिस्टम चलेंगे इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों कोड़ी जा चुकी है और शाखा में एक बाबू है जो अपनी आईडी से केवाईसी करता है, वही कैश बांटता है इसलिए लेट लतीफ होता है । ब्रांच में सभी लोग थे ।







