दुद्धी तहसील में कल लगेगा जनपद स्तरीय 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' - ​विधायक और डीएम की पहल पर दिव्यांगों को मिले सहायक उपकरण, 15 लोगों ने किया रक्तदान - ​सोनभद्र के दो ब्लॉकों में 10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया मुक्ति अभियान - ​मतदाता केंद्रों पर तैनात रहेंगे बीएलओ, 12 बजे तक मिलेगी सहायता - ​सोनभद्र: जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 20 फरवरी तक करें आवेदनदुद्धी तहसील में कल लगेगा जनपद स्तरीय 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' - ​विधायक और डीएम की पहल पर दिव्यांगों को मिले सहायक उपकरण, 15 लोगों ने किया रक्तदान - ​सोनभद्र के दो ब्लॉकों में 10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया मुक्ति अभियान - ​मतदाता केंद्रों पर तैनात रहेंगे बीएलओ, 12 बजे तक मिलेगी सहायता - ​सोनभद्र: जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 20 फरवरी तक करें आवेदन

​अनपरा पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति के 3.82 लाख रुपये कराए वापस

टेलीग्राम ऐप के जरिए हुई थी 18.63 लाख की ठगी, पुलिस ने मेहनत कर खाते में लौटाई रकम

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Monday, February 2, 2026

अनपरा/सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ)। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सोनभद्र की अनपरा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर सेल की टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक व्यक्ति के साथ हुई लाखों की ठगी में से 3,82,300/- रुपये सफलतापूर्वक उसके मूल खाते में वापस करा दिए हैं।

पैसा दोगुना करने के नाम पर हुई थी ठगी

जानकारी के अनुसार, आवेदक मोहित दूबे (निवासी जौनपुर, हाल पता- औरी मोड़) के साथ जनवरी 2024 में अज्ञात ठगों ने टेलीग्राम ऐप के माध्यम से संपर्क किया था। जालसाजों ने पैसा दोगुना करने का लालच देकर मोहित से कुल 16 बार में 18,63,966/- रुपये की बड़ी धनराशि ठग ली थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई थी।

पुलिस की कार्रवाई और बैंक से पत्राचार

पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा के निर्देश पर थाना अनपरा की साइबर टीम ने ‘NCRP’ पोर्टल का गहन अवलोकन किया। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने जांच के दौरान पाया कि ठगी गई रकम में से 4,58,882/- रुपये विभिन्न बैंक खातों में मौजूद हैं, जिन्हें तत्काल होल्ड कराया गया। इसके बाद साक्ष्य जुटाकर संबंधित बैंकों से ई-मेल के माध्यम से पत्राचार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 3,82,300/- रुपये पीड़ित के खाते में वापस आ गए। शेष धनराशि को भी वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है।

सावधान रहें, जागरूक रहें

अपनी डूबी हुई रकम वापस पाकर आवेदक ने पुलिस टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इस मौके पर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या संदिग्ध लिंक किसी के साथ साझा न करें। साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।

सराहनीय कार्य करने वाली टीम:

धनराशि वापस कराने में प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह और साइबर हेल्प डेस्क के हे0का0 आनन्द मोहन बिन्द की मुख्य भूमिका रही।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले