अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र/मिर्जापुर: राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के अध्यक्ष श्री राम सुलोचन सिंह (जनपद एवं सत्र न्यायाधीश) के आदेश पर शनिवार को मिर्जापुर स्थित राजकीय बाल संप्रेषण गृह (किशोर) का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम में सचिव श्री राहुल (सिविल जज सी.डी.) और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आलोक यादव शामिल रहे।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
- सोनभद्र के किशोरों की स्थिति: चूंकि सोनभद्र जनपद में वर्तमान में कोई राजकीय संप्रेषण गृह संचालित नहीं है, इसलिए यहाँ के किशोरों को मिर्जापुर में रखा जाता है। वर्तमान में यहाँ कुल 52 किशोर आवासित हैं, जिनमें से 12 किशोर सोनभद्र जनपद से संबंधित हैं।
- सुविधाओं की जांच: न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों से उनके मामलों की प्रगति, स्वास्थ्य और भोजन की गुणवत्ता के बारे में सीधे बातचीत की। बच्चों ने बताया कि उन्हें निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन मिल रहा है और कोई विशेष असुविधा नहीं है।
- विधिक जागरूकता: इस दौरान बच्चों को ‘चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज’, ‘शिक्षा का अधिकार’, ‘प्ली बारगेनिंग’ और नशा मुक्ति के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उनके कौशल विकास के लिए संचालित योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
अधिकारियों के कड़े निर्देश:
निरीक्षण के अंत में सचिव श्री राहुल ने प्रभारी सहायक अधीक्षक श्री विजय कुमार राय को सख्त निर्देश दिए कि परिसर में प्रतिदिन साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा, खेलकूद और मनोरंजन के पुख्ता इंतजाम नियमानुसार किए जाएं ताकि उनके सुधार की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे।
निरीक्षण के दौरान केयर टेकर श्री लल्लन प्रसाद सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।






