दुद्धी तहसील में कल लगेगा जनपद स्तरीय 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' - ​विधायक और डीएम की पहल पर दिव्यांगों को मिले सहायक उपकरण, 15 लोगों ने किया रक्तदान - ​सोनभद्र के दो ब्लॉकों में 10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया मुक्ति अभियान - ​मतदाता केंद्रों पर तैनात रहेंगे बीएलओ, 12 बजे तक मिलेगी सहायता - ​सोनभद्र: जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 20 फरवरी तक करें आवेदनदुद्धी तहसील में कल लगेगा जनपद स्तरीय 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' - ​विधायक और डीएम की पहल पर दिव्यांगों को मिले सहायक उपकरण, 15 लोगों ने किया रक्तदान - ​सोनभद्र के दो ब्लॉकों में 10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया मुक्ति अभियान - ​मतदाता केंद्रों पर तैनात रहेंगे बीएलओ, 12 बजे तक मिलेगी सहायता - ​सोनभद्र: जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 20 फरवरी तक करें आवेदन

वैवाहिक बलात्कार के खिलाफ दुनिया की सबसे लंबी ‘इन्फिनिट साड़ी’

न्याय की मांग करती दुनिया की सबसे लंबी ‘इन्फिनिट साड़ी’

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, January 29, 2026

World's longest 'infinite sari' against marital rape

मुंबई के रॉयल ओपेरा हाउस में उस शाम सिर्फ़ एक साड़ी का अनावरण नहीं हुआ, वहाँ इतिहास, साहस और न्याय की एक अनंत कहानी बुनी गई। चार किलोमीटर लंबी ‘इन्फिनिट साड़ी’ न सिर्फ़ दुनिया की सबसे लंबी साड़ी बनी, बल्कि यह उन लाखों महिलाओं की आवाज़ भी बनकर सामने आई, जिनकी सहमति को विवाह की आड़ में अनसुना कर दिया गया। संस्कृति के सबसे पुराने प्रतीक को हथियार बनाकर, इस पहल ने सीधे उस कानून को चुनौती दी, जो आज भी वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने से कतराता है।

चार किलोमीटर में फैली यह साड़ी अब तक बनाई गई दुनिया की सबसे लंबी साड़ी है, जिसे मशहूर फैशन डिज़ाइनर निवेदिता साबू ने तैयार किया है। कढ़ाई, रंगों और विशेष प्रिंट के ज़रिए यह साड़ी न्याय की मांग करती एक प्रतीकात्मक याचिका बन जाती है, जिस पर सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इसकी लंबाई इतनी विशाल है कि यह ताजमहल के आधार को दो बार घेर सकती है—मानो यह बता रही हो कि सहमति का सवाल भी उतना ही व्यापक और अनदेखा किया गया है।

‘इन्फिनिट साड़ी’ की प्रेरणा करीब दो हजार साल पुरानी उस पौराणिक कथा से ली गई है, जिसमें एक स्त्री की रक्षा उसकी साड़ी के अनंत रूप से होती है। उसी प्रतीक को आज के संदर्भ में ढालते हुए, यह साड़ी विवाह के भीतर भी महिला की शारीरिक स्वायत्तता और ‘ना’ कहने के अधिकार की याद दिलाती है।

रेड डॉट फाउंडेशन की सह-संस्थापक और सीईओ सुप्रीत के. सिंह ने कहा, “‘इन्फिनिट साड़ी’ पर किया गया हर हस्ताक्षर साहस का एक धागा है। इसकी हर तह उस अधिकार की गवाही देती है, जिसके तहत महिला अपनी इच्छा से हां या ना कह सकती है। सहमति कोई वैवाहिक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक बुनियादी मानव अधिकार है। अब और देरी की कोई गुंजाइश नहीं है।”

डिज़ाइनर निवेदिता साबू के अनुसार, “यह साड़ी संस्कृति के ज़रिए उसी संस्कृति को चुनौती देने और सुधारने की कोशिश है। भारत की परंपराएं बदलाव की राह में बाधा नहीं, बल्कि उसकी नींव बन सकती हैं। मुझे गर्व है कि यह परिधान अब न्याय और समानता का प्रतीक बन गया है।”

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण और हालिया रिपोर्टों के आंकड़े इस पहल की गंभीरता को और स्पष्ट करते हैं। भारत में हर तीन में से एक महिला को पति की ओर से शारीरिक या यौन हिंसा झेलनी पड़ी है। इसके बावजूद 90 प्रतिशत से अधिक महिलाएं न तो शिकायत दर्ज कराती हैं और न ही मदद मांग पाती हैं—क्योंकि कानून आज भी उन्हें पूरी तरह संरक्षण नहीं देता।

यौन हिंसा से उबर चुकीं पीड़िता और सामाजिक कार्यकर्ता जारिया पाटनी ने कहा,

“जब पीड़ित, समाज और नीति-निर्माता एक साथ खड़े होते हैं, तब बदलाव सिर्फ़ संभव नहीं, बल्कि अपरिहार्य हो जाता है। वैवाहिक बलात्कार अब विवाह की आड़ में छिपा नहीं रह सकता।” अभिनेता और अभियान एंबेसडर राहुल भट्ट ने भी इस पहल को इंसानियत से जुड़ा सवाल बताया और कहा कि घर हर महिला के लिए सुरक्षित होना चाहिए—कानून चाहे कुछ भी कहे।

ओपेरा हाउस में अनावरण के बाद ‘इन्फिनिट साड़ी’ को कला घोड़ा आर्ट्स फेस्टिवल 2026 में प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी एल्फिंस्टन कॉलेज में 31 जनवरी से 8 फरवरी तक आयोजित होगी, जहाँ यह साड़ी एक कलाकृति नहीं, बल्कि एक जीवंत सवाल बनकर दर्शकों के सामने खड़ी होगी।

‘इन्फिनिट साड़ी’ एक याद दिलाती है—कि विवाह सहमति को खत्म नहीं करता, और ‘ना’ कहने का अधिकार कभी समाप्त नहीं होता।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले