एम्स रायबरेली में हुआ एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन - वोट बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत शहर कांग्रेस कमेटी ने निकाली बाइक रैली - 25 अक्टूबर को हर घर धुरंधर! फ्रीडिश पर पहली बार होगा रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म का प्रीमियर - बरखेड़ा विधानसभा सीट पर भाजपा की दावेदारी को लेकर बढ़ी हलचल - CSJMU में 'रास-ए-रात्रि डांडिया नाइट' का भव्य आयोजनएम्स रायबरेली में हुआ एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन - वोट बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत शहर कांग्रेस कमेटी ने निकाली बाइक रैली - 25 अक्टूबर को हर घर धुरंधर! फ्रीडिश पर पहली बार होगा रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म का प्रीमियर - बरखेड़ा विधानसभा सीट पर भाजपा की दावेदारी को लेकर बढ़ी हलचल - CSJMU में 'रास-ए-रात्रि डांडिया नाइट' का भव्य आयोजन

पार्थ के गांडीव की टंकार है कविता: प्रद्युम्न त्रिपाठी

नशा मुक्ति केंद्र पर कवि सम्मेलन के जरिए बिखरे देशभक्ति के रंग, कवियों ने जगाया राष्ट्र अनुराग

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Wednesday, January 28, 2026

अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर धर्मा फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में एक भव्य कवि सम्मेलन और सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। अरुण प्रकाश पाठक के निर्देशन एवं ओमप्रकाश पाठक के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के नामचीन रचनाकारों ने अपनी लेखनी से राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकारों की अलख जगाई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के स्तवन और मेघ दिवाकर द्विवेदी की वाणी वंदना से हुआ।

​महफिल में प्रद्युम्न त्रिपाठी एड. ने अपनी ओजस्वी पंक्तियों ‘पार्थ के गांडीव की टंकार है कविता, समता सद्भाव प्यार है कविता’ से श्रोताओं में जोश भर दिया। वहीं, कार्यक्रम का सफल संचालन कर रहे प्रभात सिंह चंदेल ने ‘मेरे मस्तक पर हिंदुस्तान लिख देना’ सुनाकर ओज को नई परिभाषा दी। कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने ‘मुझको अबला मत समझो मैं झांसी वाली रानी हूं’ के माध्यम से नारी शक्ति और राष्ट्र प्रेम का आह्वान किया।

​व्यंग्य और गीतों से सत्ता को नसीहत, एकता का दिया संदेश

​कवि दिलीप सिंह दीपक ने अपनी रचना ‘तुम सब कुछ बेच दो लेकिन हिंदुस्तान मत बेचो’ के जरिए सत्ता को खरी-खरी सुनाई, तो अजय चतुर्वेदी ‘कक्का’ ने यूजीसी और शासन के निर्णयों पर तीखा हास्य व्यंग्य कर खूब तालियां बटोरीं। गीतकार ईश्वर विरागी ने अध्यक्षता करते हुए ‘एकता के गीत गुनगुनाएं हम, देश में नव विहान लाएं हम’ सुनाकर सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया।

​शायर अशोक तिवारी, धर्मेश चौहान, विवेक चतुर्वेदी और मेघ दिवाकर ने भी अपनी गजल और शायरी से लोगों को झकझोरा। इस अवसर पर मुख्य रूप से सदर विधायक भूपेश चौबे, कांग्रेस नेता राजेश द्विवेदी, भाजपा नेता अजीत चौबे और वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी सहित बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, माल्यार्पण और प्रतीक चिह्न भेंट कर किया गया।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले