प्रिंस कुमार/ जिला ब्यूरो प्रमुख, अररिया |
अररिया। जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कड़ा रुख अपनाया है।शनिवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उनकी अध्यक्षता में नार्को कोआर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने नशा मुक्त जिला बनाने के संकल्प को दोहराते हुए संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
नेपाल सीमा पर बढ़ेगी चौकसी, लगेंगे CCTV भारत-नेपाल सीमा का लाभ उठाकर होने वाली तस्करी को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने एसएसबी (SSB), पुलिस और मद्य निषेध विभाग को आपसी समन्वय (Better Coordination) स्थापित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि:
सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग की जाए। अधीक्षक मद्य निषेध को चिह्नित संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया। थोक विक्रेताओं और फल-सब्जी मंडियों की होगी जांच नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने औषधि निरीक्षक (Drug Inspector) को थोक एवं खुदरा दवा विक्रेताओं की नियमित जांच करने का आदेश दिया।
साथ ही, जिला कृषि पदाधिकारी को बाजारों में लहसुन और सेब के स्टॉक का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया, ताकि इनकी आड़ में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पकड़ा जा सके। पंचायतों के माध्यम से चलेगा जागरूकता अभियान नशे के खिलाफ लड़ाई को जन-आंदोलन बनाने के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के विरुद्ध व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
साथ ही, कृषि विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जिले में कहीं भी नशीले पदार्थों की अवैध खेती न हो।
“नशे के अवैध कारोबार पर किसी भी स्थिति में नरमी नहीं बरती जाएगी। सभी संबंधित विभाग टीम भावना के साथ काम करें और अवैध गतिविधियों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।”
— विनोद दूहन, जिला पदाधिकारी, अररिया
बैठक में इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला समादेष्टा, अररिया एवं फारबिसगंज के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), एसएसबी की 52वीं एवं 56वीं वाहिनी के प्रतिनिधि, फारबिसगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), जिला कृषि पदाधिकारी, जिला औषधि निरीक्षक, विशेष शाखा के पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) और जिला योजना पदाधिकारी सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।







