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मनरेगा में बदलाव मजदूरों और गरीबों के साथ अन्याय व अधिकारों का हनन है- के एल शर्मा

मनरेगा योजना में मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे बदलाव को लेकर तमाम आरोप लगाए गए

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, January 10, 2026

Changes in MNREGA are injustice to laborers and the poor and a violation of their rights – KL Sharma

रायबरेली ब्यूरो। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किसानो की मनरेगा योजना में बदलाव को लेकर कांग्रेस के अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने जिला कांग्रेस कार्यालय तिलक भवन में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया जिसमें मनरेगा योजना में मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे बदलाव को लेकर तमाम आरोप लगाए गए।

बदलावों के संबंध में उन्होंने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी जी का नाम हटाना न सिर्फ राष्ट्रपिता का अपमान है, बल्कि देश से गांधीवादी विचारधारा की भी हत्या का प्रयास है, आर.एस.एस. का एजेण्डा ही महात्मा गांधी जी का नाम देश के इतिहास से मिटाना है, मनरेगा में बदलाव मजदूरों और गरीबों के साथ अन्याय व उनके अधिकारों का हनन है।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब पूरा देश बंदी की मार झेल रहा था तब मनरेगा ही ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब-मजदूरों के जीवन यापन का सहारा था। मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं गरीब-मजदूरों का अधिकार है, केन्द्र सरकार ने मनरेगा के बजट में अपनी 90 प्रतिशत की हिस्सेदारी को समाप्त कर 60 प्रतिशत कर दिया है, ऐसे में जब राज्य सरकारे अपने हिस्से का 10 प्रतिशत नहीं दे पा रही थी, वह अब 40 प्रतिशत कैसे देगी।

केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल कर अपना पीछा छुड़ा रही है।
उमेश बहादुर सिंह जिला कोआर्डिनेटर मनरेगा बचाओं संग्राम ने कहा कि जमीनी स्तर पर भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही मनरेगा पर संकट मंडरा रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, मजदूरों पर एक बार फिर पलायन की मजबूरी आ सकती है, मनरेगा योजना ने उन्हें अपने ही घर-गांव में रोटी-रोजी का जो प्रबंध किया था, वह अब मोदी सरकार समाप्त करने पर उतारू है, कांग्रेस पार्टी गरीब, मजदूरों व किसानों की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।

जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने मनरेगा बचाओं संग्राम में आम जनता को तैयार रहने की अपील की और बड़े संघर्ष की बात कही। प्रेसवार्ता में शहर अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव, जिला प्रवक्ता महताब आलम व शहर प्रवक्ता अभय त्रिवेदी उपस्थित रहे।

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