रायबरेली ब्यूरो। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से शिक्षकों के समायोजन की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार विभाग की तरफ से शिक्षकों का बिना काउंसलिंग के ही विद्यालय आंबटन कर दिया जाएगा। विभाग की तरफ से की जा रही इस मनमानी के खिलाफ आवाज उठाते हुए उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी, सीडीओ और बीएसए को ज्ञापन सौंपकर नियम के हिसाब से ही काउंसलिंग कराए जाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बताया कि इस बार जिले में बंद और एकल विद्यालयों को खोलने की तैयारी चल रही है। शीतकालीन अवकाश में यह प्रक्रिया पूरी भी कर ली जाएगी। जिले में कहां पर कितने पद खाली है और किस विद्यालय से बंद और एकल शिक्षकों का समायोजन किया जाना है, इसकी अभी तक किसी भी शिक्षक को जानकारी नहीं है।
जिलाध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने बताया कि सरप्लस विद्यालय से कनिष्ठ या वरिष्ठ शिक्षक को हटाया जाएगा, इसकी अभी तक कोई भी नियमावली शिक्षकों के संज्ञान में नहीं लाई गई है और न ही शिक्षकों की अभी तक सूची जारी की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का निर्माण किया गया है, लेकिन अभी तक जनपदीय समिति ने स्थिति को स्पष्ट नहीं किया गया है। इसकी वजह से शिक्षक बहुत ही अशंकित और असमंजस में कि कहीं मनमानी न करते हुए मेरा ही स्थानांतरण कर दिया जाए।
जिला महामंत्री सियाराम सोनकर ने कहा कि हम लोगों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर जनपद में वर्तमान में गतिमान समायोजन की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूर्ण कराए जाने की मांग की है। उनहोंने बताया कि हम लोगों ने ज्ञापन देकर सरप्लस शिक्षकों तथा रिक्तियों की सूची प्रकाशित कर काउन्सलिंग के माध्यम से विद्यालय आवंटित किए जाने की मांग की।
उन्होंने बताया कि वर्ष शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद 2010 के बाद से जब भी सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया गया है तो वह काउंसलिंग के माध्यम से ही किया गया है, लेकिन शायद ऐसा पहली बार होगा कि शिक्षकों की बिना सहमति के ही सरप्लस शिक्षकों की मनमाने ढंग से तैनाती कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षकों के स्थानांतरण में मनमानी होती है तो फिर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक इसके खिलाफ आवाज उठाएगा।






