सोमेन्द्र पटेल महराजगंज रायबरेली। क्षेत्र के हसनपुर गांव के रहने वाले कोटेदार एवं सामाजिक कार्यकर्ता आशु पाण्डेय का बीती रात माकान की सीढ़ियों से पैर फिसल कर गिरने से निधन हो गया। वह 42 वर्ष के थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही संपूर्ण क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अचानक अलविदा कह कर चले जाने से हर कोई स्तब्ध है।
आपको बता दें कि, साधारण परिवार में पले बढ़े आशु पाण्डेय ने अपने परिश्रम, मेहनत, कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव, सरल व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए क्षेत्र में जाने जाते थे। दिवंगत आशू पाण्डेय कोटेदार के साथ-साथ पूर्ति कार्यालय में गरीबों के राशनकार्ड बनवाने में मदद करते थे, वे पूर्ति कार्यालय में एक ईमानदार, जिम्मेदार सहयोगी के रूप में जाने जाते थे। लोगों के दिलों में उनकी छवि एक नेकदिल और सदैव मदद के लिए तत्पर व्यक्ति की रही है।
उनके असमय निधन से न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवारी जन, ग्रामीण एवं क्षेत्रीय लोग गहरे शोक में डूबे हुए हैं। उधर आशु पाण्डेय के निधन की सूचना मिलते ही उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, नेता एवं गणमान्य नागरिक उनके आवास पर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाते नजर आए।
शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में प्रमुख रूप से कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुशील पासी, सपा विधायक श्याम सुंदर भारती, पूर्व विधायक रामलाल अकेला, पूर्व विधायक राजाराम त्यागी, ब्लॉक प्रमुख प्रदीप चौधरी, नगर पंचायत अध्यक्ष महराजगंज प्रभात साहू, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह, पूर्व प्रत्याशी अपना दल एस लक्ष्मीकांत रावत, युवा मोर्चा अध्यक्ष सुधा अवस्थी, शिवम तिवारी, पूर्व सभासद विजय धीमान, नगर पंचायत अध्यक्ष बछरावां रामजी, ग्राम प्रधान केशव चौधरी, जिला पंचायत भावी प्रत्याशी शिवम यादव, अमन शुक्ला, सुरेश शुक्ला, अनुज, सरदार फत्ते सिंह, पूर्व निरीक्षक मुकेश पांडेय, पूर्ति निरीक्षक अवधेश चतुर्वेदी, गंगासागर पांडेय प्रधान प्रतिनिधि, कन्हैया तिवारी कोटेदार समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के कोटेदार एवं संभ्रांत नागरिक अंतिम शव यात्रा में शामिल हुए।
सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करी, लोगों का कहना था कि, आशु पाण्डेय का निधन क्षेत्र के लिए एक अत्यंत दुखद और अपूरणीय क्षति है, जिसे लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा।






