राजकुमार पाठक
बांदा/बदौसा ग्रीन एंड हैपी इंडिया ट्रस्ट के तत्वावधान में बदौसा में आयोजित ‘यू पी यूथ कार्यक्रम’ के तहत युवा लीडरों के लिए ‘न्याय, समता, समानता और बंधुत्व’ जैसे संवैधानिक मूल्यों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में विभिन्न किशोरी समूहों और युवा कमेटियों के कुल 28 युवाओं ने भाग लिया। कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ सुबह 11 बजे हुआ, जिसके बाद प्रतिभागियों ने न्याय और अधिकारों पर आधारित एक प्रभावी नाटक का मंचन कर अपनी बात रखी।
कार्यशाला के दौरान फैसिलिटेटर रजनी रैकवार और संतोष ने कई इंटरैक्टिव सत्रों का संचालन किया। उन्होंने प्रतिभागियों को भारतीय संविधान के मूलभूत मूल्यों, सामाजिक समरसता, नेतृत्व क्षमता के विकास, लैंगिक समानता और समुदाय में भाईचारे को बढ़ावा देने के तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में समूह चर्चा और संवाद आधारित अभ्यासों पर विशेष ध्यान दिया गया।
सत्र के दौरान रजनी रैकवार ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “युवाओं में न्याय और समानता जैसे मूल्यों की समझ विकसित होना ही समाज के विकास के लिए पहली और सबसे महत्वपूर्ण पहल है।” संतोष कुशवाहा ने युवाओं को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाने, टीम लीडरशिप के कौशल और प्रभावी संवाद कला पर विशेष प्रशिक्षण दिया।
संस्था प्रमुख उमा कुशवाहा ने ट्रस्ट के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि, “युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक बनाना हमारा प्रमुख उद्देश्य है। हमें दृढ़ विश्वास है कि यह प्रशिक्षित युवा अपने समुदायों में निश्चित रूप से सकारात्मक प्रभाव छोड़ेंगे।” कार्यशाला का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। सभी 28 युवाओं ने अपने-अपने समुदायों और क्षेत्रों में न्याय, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने का वचन लिया।
इसके अतिरिक्त, 26 नवंबर को हुए संविधान दिवस समारोह में बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सम्मानित कर पुरस्कृत भी किया गया। इस प्रशिक्षण में रमाबाई अंबेडकर किशोरी समूह बदौसा, सावित्री बाई किशोरी समूह चंद्रनगर बदौसा, गरिमा किशोरी समूह बरछा ब, सावित्री बाई फुले किशोरी संघ खटेहटा, वीरांगना फूलन देवी किशोरी समूह दुबरिया और युवा कमेटी के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रतिभागियों ने इस आयोजन को उपयोगी और व्यवहारिक बताया।





