नरेन्‍द्र मोदी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में अपने संबोधन की झलकियां साझा कीं - बागेश्वर बाबा की कथा का शंखनाद 15 से - सीपी राधाकृष्णन ने दिल्ली विश्वविद्यालय में नशामुक्त परिसर अभियान का शुभारंभ किया - स्व. अखिलेश सिंह की स्मृति में बहन पूनम सिंह ने किया भव्य सम्मान व बांटे कंबल - राम जाने..! कब कैसे कौन रोकेगा सदर की गदर ?नरेन्‍द्र मोदी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में अपने संबोधन की झलकियां साझा कीं - बागेश्वर बाबा की कथा का शंखनाद 15 से - सीपी राधाकृष्णन ने दिल्ली विश्वविद्यालय में नशामुक्त परिसर अभियान का शुभारंभ किया - स्व. अखिलेश सिंह की स्मृति में बहन पूनम सिंह ने किया भव्य सम्मान व बांटे कंबल - राम जाने..! कब कैसे कौन रोकेगा सदर की गदर ?

“एक “बालू लोकेशन बाज” गिरफ्तार

"कलम के सिपाही" कहते है कि "सूपा बोले तो बोले", "चलनी" का "बोले"..!, ओवरलोड ट्रकों को कराता था पार

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, December 7, 2025

"A "sand location eagle" arrested"

राजकुमार पाठक की कलम से

बांदा/ जिले में खनिज कारोबार की शातिराना चाल का एक चित्र तब उजागर हुआ जब एक लोकेशन और बालू लदे हुए ट्रको को पार कराने की मनमानी में एक नवयुवक अतर्रा क्षेत्र में अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त ट्रकों को पुलिस चेकिंग से बचाने के लिए अधिकारियों की लोकेशन देने और पुलिसकर्मी से मारपीट करने के आरोप में युवक को अतर्रा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, आलोक गर्ग नामक युवक अवैध मोरम-गिट्टी से लदे ट्रकों को नो-एंट्री जोन से पार कराने के लिए दबाव बनाता था। 5 दिसंबर को अतर्रा नो-एंट्री प्वाइंट पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता, हाथापाई और जान से मारने की धमकी देने पर उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन-परिवहन में संलिप्त या वैध कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। मामले में मुकदमा संख्या 439/25 विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

चर्चा है की जिले में चल रहे खनिज व्यापार में अपने इरादों को मुकाम तक पहुंचाने के लिए खनिज कारोबार से जुड़े लोग तरह तरह के हथकंड़े और फंडे अपना कर लोकेशन लेने देने से लगाकर, मैनेजमेंट में तरह तरह के चेहरे तैनात कर अपने काम को अंजाम देने पर अमादा है। ऐसी ही कारगुजारियो के चलते पत्रकारिता को भी निशाने पर लेकर बदनाम करने की साजिश करने के तहत अपने को पत्रकार बता कर कुछ लोग अपनी जेबे भरने को अमादा है। खनिज कारोबार द्वारा अपनाई जा रही ऐसी चालों की “कलम के सिपाही” “निंदा करते हुए कहते है” कि “सूपा बोले तो बोले,” “चलनी का बोले”..!.?

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