अजय कुमार सहरसा। कला संस्कृति मंत्रालय एवं जिला प्रशासन के सहयोग से प्रेक्षागृह में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय कला उत्सव का समापन पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हुआ।इसके अंतर्गत कुल सात विधा मे प्रतियोगिता कराया गया।आनंद झा के संचालन मे आयोजित आज के कार्यक्रम में समूह लोकगीत, समूह लोक नृत्य,कहानी लेखन एवं कविता लेखन प्रतियोगिता,विज्ञान मेला एवं चित्रकला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दुसरे दिन शनिवार को समूह लोकगीत,समूह लोक नृत्य,चित्रकला एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।जिसमें जिले के सफल एवं चयनित कलाकारों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भेजा जाएगा।समापन समारोह मे चित्रकला प्रतियोगिता में शांभवी कुमारी प्रथम, दीक्षा झा द्वितीय एवं सिद्ध मणि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया जबकि लोक नृत्य में प्रथम राज लक्ष्मी टीम द्वितीय रिया दास टीम तथा किलकारी टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।वही समूह लोक गायन में सिमरन भारती तृतीय एवं आशुतोष झा की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
वही विज्ञान मेला के अंतर्गत मोहम्मद दिलशाद प्रथम स्थान,हंसराज की टीम द्वितीय स्थान एवं आयुष कुमार की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया जबकि कविता लेखन में आयुष कुमार प्रथम, नवीन यादव द्वितीय एवं दिव्य ज्योति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वही वक्क्तृता ग्रुप में पूजा कुमारी प्रथम, गुरप्रीत कौर द्वितीय एवं केशव कात्यान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वही कहानी लेखन में सृष्टि झा प्रथम एवं सौरव कुमार द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार, उप विकास आयुक्त संजय कुमार निराला, एडीएम निशांत,कला पदाधिकारी स्नेहा झा एवं अन्य पदाधिकारी द्वारा विजेता प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही राज्य स्तरीय टीम में बेहतर प्रदर्शन करने की कामना की।वही निर्णायक ने कहा कि संगीत साधना में स्वर लय एवं लाल आवश्यक है। वही अलंकार का प्रतिदिन अभ्यास आवश्यक है। लोकगीत में लय प्राप्ति के लिए साधना चाहिए नहीं तो अभिव्यक्ति में गड़बड़ी होगी।
उन्होंने कहा कि साधना का कोई शॉर्टकट नहीं हो सकता।संगीत साधना में निरंतर तन्मयता के साथ होना चाहिए। कार्यक्रम के दूसरे दिन अमृता कुमारी टीम ने छठ गीत एवं विवाह गीत गायन कर समां बांध वही ओबीसी गर्ल के द्वारा लोकगीत सोनम कुमारी, स्मृति सिंह, सिमरन भारती एवं नृत्य में अमृत टीम आयुष झा की टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर निर्णायक की भूमिका में विज्ञान मेला के निर्णायक भूमिका में ज्योति मनी, कुल शेखर मेहता, मोहम्मद दानिश, चित्रकला प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका में प्रज्ञा रंजन, अरुण पाराशर एवं मणिकांत शामिल थे।
वही निर्णायक की भूमिका में डा रेणु सिंह,मुक्तेश्वर सिंह,मुख्तार आलम, विजय वर्मा, संगीताचार्य गणेश पाल, विकास कुमार एवं वीरभद्र कुमार शामिल थे। ज्ञात हो कि चित्रकला में नशा मुक्त भारत एवं यूथ फॉर हेल्दी लाइफ स्टाइल के विषय पर चित्रांकन किया गया।वही वंचित प्रतिभागियों ने बताया कि इस बार कत्थक नृत्य, शास्त्रीय संगीत गायन वादन, लोकगीत सुगम,संगीत, तबला वादन जैसे विद्या को शामिल नहीं किया गया था।जिस कारण में बहुत सारे कलाकार इस कार्यक्रम में भाग नहीं ले सके।







