सुस्मित मुन्ना संवाददाता सुपौल
सुपौल। शहर में लगातार बढ़ती जाम की समस्या को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) इंद्रवीर कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव गुप्ता की अध्यक्षता में सभी संबंधित पक्षों के साथ अनुमंडल कार्यालय में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि पूर्व में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, परंतु हटाए गए स्थानों पर पुनः अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर को स्थायी रूप से अतिक्रमण-मुक्त रखना आवश्यक है।
नगर परिषद प्रतिनिधि ने बताया कि पिछले अभियान में स्थायी अतिक्रमण हटा दिए गए थे, लेकिन वर्तमान में कई दुकानदार अस्थायी रूप से दुकान के बाहर सामान रखकर अतिक्रमण कर रहे हैं। इस पर नगर परिषद एवं पुलिस बल की संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई गई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि नगर परिषद 2–3 दिनों तक व्यापक प्रचार-प्रसार करे। चेतावनी दी गई कि दुकान के बाहर सामान रखने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और सामान जप्त भी किया जा सकता है।
ई-रिक्शा संचालन पर सख़्त निगरानी यातायात थाना और यातायात पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि शहर में अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन भी जाम का बड़ा कारण है। इस पर अधिकारियों ने कड़े निर्देश दिए—
नाबालिग द्वारा ई-रिक्शा चलाने पर 25,000 रुपये तक जुर्माना बिना नंबर वाले ई-रिक्शा पर अधिकतम दंडात्मक कार्रवाई,बिना लाइसेंस चलाने पर 5,000 रुपये तक जुर्माना!सड़क पर ही ई-रिक्शा रोककर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने पर अवैध पार्किंग का जुर्माना और गाड़ी जब्त अधिकारियों ने यह भी कहा कि बिना लाइसेंस और बिना इंश्योरेंस वाले ई-रिक्शा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ई-रिक्शा चालकों को अंतिम चेतावनी बैठक में मौजूद ई-रिक्शा चालक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि वे सभी चालकों के साथ बैठक कर नियमों की जानकारी दें। चेतावनी दी गई कि मंगलवार के बाद नियम उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई व वाहन जब्ती की जिम्मेदारी ई-रिक्शा चालकों की स्वयं होगी। बैठक में उपस्थित अधिकारी बैठक में यातायात पुलिस उपाधीक्षक कमलेश्वर प्रसाद, यातायात थानाध्यक्ष उपेंद्र प्रसाद, नगर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद, नगर परिषद के पदाधिकारी व कर्मी तथा ई-रिक्शा संचालक संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।







