सर्पदंश से 12 वर्षीय बालिका की मौत, परिवार में मचा कोहराम - एम्स रायबरेली के इमरजेंसी ओटी ने साढ़े पांच माह में 651 सफल ऑपरेशन किए - 20 जुलाई को ब्लैक डे के रूप में याद रखा जाएगा -अखिलेश माही - धरमजयगढ़ मांड नदी जलविद्युत परियोजना पर दायर जनहित याचिका खारिज, उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी— "अखबारी खबरें नहीं, ठोस साक्ष्य चाहिए! - साइबर पुलिस का 'साईवज्र' प्रहार: चीनी ठगों को रकम भेजने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तारसर्पदंश से 12 वर्षीय बालिका की मौत, परिवार में मचा कोहराम - एम्स रायबरेली के इमरजेंसी ओटी ने साढ़े पांच माह में 651 सफल ऑपरेशन किए - 20 जुलाई को ब्लैक डे के रूप में याद रखा जाएगा -अखिलेश माही - धरमजयगढ़ मांड नदी जलविद्युत परियोजना पर दायर जनहित याचिका खारिज, उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी— "अखबारी खबरें नहीं, ठोस साक्ष्य चाहिए! - साइबर पुलिस का 'साईवज्र' प्रहार: चीनी ठगों को रकम भेजने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तार

डीआईजी ने साइबर व महिला मामलों के त्वरित निष्पादन का दिया निर्देश

महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, November 28, 2025

DIG directs for speedy disposal of cyber and women cases

कटिहार-जिले में कानून-व्यवस्था और विशेषकर साइबर अपराध तथा महिला संबंधी मामलों की निगरानी को लेकर गुरुवार को पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी), पूर्णिया क्षेत्र, प्रमोद कुमार मंडल का आगमन साइबर व महिला थाना परिसर में हुआ। उनके पहुंचते ही जिला पुलिस प्रशासन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर देकर औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद डीआईजी ने थाना परिसर का निरीक्षण किया तथा लंबित मामलों की समीक्षा की।

उन्होंने थानाध्यक्ष और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि साइबर फ्रॉड और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में देरी न केवल पीड़ितों को मानसिक दबाव में रखती है, बल्कि अपराधियों को भी हौसला मिलता है। इसलिए सभी लंबित कांडों का जल्द से जल्द निष्पादन जिला पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। निरीक्षण के क्रम में डीआईजी ने केस मैनेजमेंट सिस्टम, शिकायत पंजीकरण, तकनीकी साक्ष्य संग्रह और पीड़ित सहायता तंत्र की भी समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जनता को समय-समय पर जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए, ताकि फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, लिंक फ्रॉड आदि से लोग सतर्क रह सकें। कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-1) और पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने डीआईजी को थाने में चल रहे अभियानों, तकनीकी संसाधनों और अब तक की उपलब्धियों की जानकारी दी।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले